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मंगलवार, 9 अप्रैल 2024

प्रयागराज में एक मां अपने छोटे बेटे उसकी पत्नी और जवान बेटी के खिलाफ ही षडयंत्र रच कर उन्हे बेघर करने में लग गई

कहते हैं कि धरती के जीते जागते भगवान  अगर कोई हैं तो वो हैं माता पिता। जिनकी शिक्षा से कोई भी बेटा या बेटी संस्कारवान बन जाते हैं जिसके चलते  आगे चलकर विभिन्न क्षेत्रों में बच्चे भी अपने माता पिता का नाम रोशन किया करते हैं और कर भी रहे हैं।वहीं  लोगों को माता पिता के प्रति संस्कारवान बनाने के लिए कई संस्थाएं भी इस दिशा में अपना कार्य कर रहीं हैं ।वहीं ये बात उस वक्त उल्टी नज़र आई जब धर्म,कर्म और शिक्षा की नगरी प्रयागराज में एक मां अपने छोटे बेटे उसकी पत्नी और जवान बेटी के खिलाफ ही षडयंत्र रच कर उन्हे बेघर करने में लग गई जिसका पूरा साथ दिया उसके बड़े बेटे और बेटी और दामाद के साथ ही अन्य रिश्तेदार ने।वहीं घर से बेघर लिए जाने की जानकारी मिलते ही प्रताड़ित पीड़ित परिवार ने प्रयागराज के आलाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।दर असल ये पूरा मामला है 8A/3,शिवकुटी ,प्रयागराज का जहां माननीय उच्च न्यायालय के अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्रा अपनी पत्नी मीना मिश्रा और बेटी प्रांजलि के साथ निवास करते हैं।दिनेश मिश्रा विगत 29, वर्षों से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वकालत करते चले आ रहे हैं जिनके पिता की मृत्यु वर्ष 2012 में हो गई थी।इसके बाद से इनकी सगी मां श्रीमती राज कुमारी मिश्र  दिल्ली निवासी अपने बड़े पुत्र रमेश नारायण मिश्र और  बड़ौदा में बेटी दामाद शोभा धुरिया और कृष्ण कुमार धुरिया के पास रहने लगीं।  पीड़ित परिवार का कहना है कि इसी बीच प्रयागराज शिवकुटी वाली संपत्ति को हड़पने की नियत से राजकुमारी मिश्र को उनके बड़े बेटे,बिटिया और दामाद ने अपनी ओर मिला कर कुचक्र रचा और विगत  वर्ष 12मई 2022को उपरोक्त लोगों ने अधिवक्ता  दिनेश कुमार मिश्रा के मकान पर कुचक्र रचकर बैनामा करने का  असफलप्रयास किया और उसके दूसरे ही दिन पीड़ित की मां ने अपने ही सगे छोटे बेटे दिनेश कुमार मिश्रा के खिलाफ  एफ आई आर केस क्राइम  नंबर 105/2022 धारा 504,506आई पी सी थाना शिवकुटी जनपद प्रयागराज में भी दर्ज करा दी और अपने एक लखनऊ के रिश्तेदार से दबाव डलवाकर उपरोक्त धारा में आरोप पत्र दाखिल करा दिया।इस जानकारी के सामने आते ही अधिवक्ता इतने टेंशन में आ गए कि तनाव के चलते उनके बाएं आंख का रेटीना  क्षतिग्रस्त हो गया जिसकी अभी हाल दोबारा सर्जरी कराई गई जिसके चलते दिनेश चलने फिरने के मोहताज हो गए ।जिसके कारण घर के काम काज के सिलसिले में उनकी पत्नी को घर के बाहर आना जाना पड़ गया । पुलिस कमिश्नर को दी गई तहरीर के मुताबिक दिनेश की पत्नी मीना के अनुसार हद तो तब हो गई जब 30 मार्च की शाम को जब वो तेलियर गंज से सब्जी वा कुछ सामान लेकर ई रिक्शा से वापस घर जा रहीं थीं कि अचानक  रेल डाट पुल के समीप उनके जेठ ,ननद और उसके नंदोई चार पहिया वाहन से अचानक उसके ई रिक्से के सामने आ गए और जबरन हांथ खींचकर अपने वाहन में बैठाने का प्रयास करने लगे जिसके भीतर  ड्राइवर के साथ उसकी सास राजकुमारी भी मौजूद थी।ये देख जब पीड़िता ने शोर मचाया तो  राहगीरों के रुकने पर जान से मार  देने की धमकी देकर सभी लोग आर्तिगा कर से फरार हो गए।इसके बाद मीना मिश्रा ने तुरंत इस जानकारी को अपने पति और बेटी को बताया।पीड़ित परिवार के अनुसार उसके पूरे परिवार को घर से बेघर करने के लिए इसके ही दूर के रिश्तेदार भी कुचक्र रच कर कई भू माफियाओं और अराजक तत्त्वों के साथ मिलकर उसकी मां का साथ दे रहे हैं और 6अप्रैल की सुबह दिनेश की मां शिव कुटी थाने के कई पुलिस वालों को लेकर दिनेश के घर पहुंच गई और जबरन घर में जब घुसने का प्रयास करने लगी तब दिनेश की पत्नी और बेटी ने इसका जमकर विरोध किया कि जब उनके पति लखनऊ से ठीक होकर आ जाएं तब कोई वार्ता हो सकती है इसके पहले कोई बात नही हो सकेगी।इस घटना के बाद तुरंत अधिवक्ता दिनेश कुमार मिश्रा के पत्नी और बेटी ने  भी कुछ अधिवक्ताओं के साथ जिले के आलाधिकारियों को प्रार्थना पत्र के माध्यम से जन माल और सुरक्षा की अपील की है।प्रांजिल का कहना है कि उसके पिता जी जब ठीक होकर अस्पताल से आ जाएं तब संबंधित थाने की पुलिस उनसे वार्ता करे तो बेहतर होगा इसके पूर्व उसके घर पर रह रही मां बेटी को जबरन परेशान न किया जाय।वहीं भुक्त भोगी परिवार की बेटी के साथ पुलिस कमिस्नर को ज्ञापन देने अधिवक्ताओं में भी इस बात को लेकर नाराजगी है की जब मां और बेटे के बीच मामला कोर्ट में विचारा धीन है तो बिना किसी निर्णय के पुलिस की बीच में नहीं कूदना चाहिए अब सवाल तो ये उठता है की जब  इस परिवार का मामला कोर्ट में विचाराधीन है तब पुलिस को इसमें अपनी दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए और यथा स्थिति को पूर्व की भांति बनाए रखना चाहिए।क्योंकि ये मा बीमला एक और कानून के जानने वाले तो दूसरी ओर कानून को बनाए रखने वालों का है।

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