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बुधवार, 10 अप्रैल 2024

गोदौलिया चौराहे पर बाइक चेकिंग के दौरान दरोगा की बिल्ला स्टार वर्दी फाड़कर डंडे से पिटाई, 5 नामजद व 15 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज

वाराणसी बिना हेलमेट और बिना नंबर की बाइक पर तेज गति से जा रहे एक युवक को पुलिस ने रोका तो वह और उसके साथी भड़क गए। गोदौलिया चौराहे पर जमकर उत्पात किया। पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और दारोगा आनंद प्रकाश पर जानलेवा हमला किया।वर्दी पर लगे बटन, बिल्ला, स्टार नोच लिया। उनके वाहन में भी तोड़फोड़ की। दशाश्वमेध थाने में तैनात दारोगा ने मुकदमा कराया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पांच नामजद व 15 अज्ञात पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय ने एक्स पर पोस्ट किया और इसे अराजकता की पराकाष्ठा बताया। रविवार रात बांसफाटक से दशाश्वमेध की ओर बाइक पर तेज रफ्तार से जा रहे युवक को दारोगा आनंद प्रकाश ने रोककर बाइक के कागज मांगे। थोड़ी ही देर में दो बाइक पर सवार उसके साथी आए और दस-पंद्रह लोगों को बुलाया। सभी ने खुद को हिंदूवादी संगठन का कार्यकर्ता बताते हुए दारोगा व पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और दारोगा को धक्का देकर नीचे गिरा दिया। जान से मारने की नीयत से डंडे से प्रहार किया। पुलिस जीप भी क्षतिग्रस्त कर दी।
दारोगा की वर्दी का बटन व बिल्ला का स्टार नोच लिया। बाइक को जबरन ले गए। कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने मारपीट करने वालों की पहचान नितिश सिंह, नितेश नरसिंघानी, राहुल सिंह, सन्नी गुप्ता, गप्पू सिंह के रूप में की। इनके खिलाफ नामजद व 15 अज्ञात पर जानलेवा हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया है। उसमें लिखा है कि देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा दारोगा के साथ हिंसक व्यवहार भाजपाई अराजकता की पराकाष्ठा है। अब देखते हैं इन असामाजिक तत्वों के घरों पर बुलडोजर कब चलता है।कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय ने भी एक्स पर पोस्ट किया है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आखिर क्या हो रहा है? सरेआम आरएसएस के लोगों द्वारा दारोगा की पिटाई कर दी जाती है, सरकार मूकदर्शक बनी है। आरएसएस के लोगों को खुली छूट, कोई कार्यवाही नहीं, इन मनबढ़ों को आखिर किसका मिल रहा संरक्षण।

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