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मंगलवार, 9 जनवरी 2024

बंद कमरे में अंगीठी का प्रयोग खतरनाक, मैलानी की घटना पर दुःख जताते हुए बोले डीएम खीरी

लखीमपुर खीरी 09 जनवरी। बंद कमरे में अंगीठी का प्रयोग खतरे से खाली नहीं है। इससे निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहोशी की स्थिति पैदा कर सकती है और यह जानलेवा भी होती है। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने जनपद वासियों से अपील की कि जब भी कमरे में अंगीठी जलाएं, खिड़की या दरवाजा थोड़ा खुला रखें।

डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मैलानी कस्बे में एक कमरे में कोयले की अंगूठी जलाकर सो रहे एक परिवार के लिए उसका धुआं काल बन गया। कमरे के अंदर अंगीठी के धुंए से दम घुटने से सगे भाई बहन की मौत हो गई, जबकि दंपति को चिकित्सालय पर भर्ती कराया गया, जो उपचाराधीन है। इस घटना पर उन्होंने दुख जताया।

इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में ठंड
से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी
क्षेत्रों में लोग अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन, इनके इस्तेमाल में जरा सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। कभी भी बंद कमरे में अंगीठी नहीं जलानी चाहिए, क्योंकि आग की वजह से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जानलेवा हो सकती है।

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