लखीमपुर खीरी 23 जून। शुक्रवार की देर शाम प्रभारी डीएम अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की एवं संबंधित को जरूरी दिशा निर्देश दिए। बैठक का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने किया।
बैठक में उप्र रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, एक युद्ध नशे के विरूद्ध, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड/सामान्य), पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन स्कीम, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टाप सेन्टर, महिला शक्ति केन्द्र, बाल गृह बालक, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण, बाल श्रम उन्मूलन रेस्क्यू अभियान, बाल विवाह उन्मूलन प्रोगाम के क्रियान्वयन की प्रगति जानी।
डीएम ने निर्देश दिए कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सीएचसी-पीएचसी व जिला महिला चिकित्सालय में जन्मी नवजात कन्याओं का उत्साह उल्लास और उमंग के साथ जन्म उत्सव मनाया जाए। इस दौरान जन्मी नवजात बालिकाओं को बेबी किट बधाई पत्र व मिष्ठान आदि प्रदान भी किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की सभी छः श्रेणियों में सभी पात्र कन्याओं को लाभान्वित किया जाए। कोई भी पात्र करने से वंचित न रहने पाए यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाए।
डीपीओ ने बताया कि वन स्टाप सेन्टर पर विभिन्न प्रकार की हिंसा से ग्रस्त 154 बालिकाओं / महिलाओं का पंजीकरण किया गया जिसमें से 131 को पुर्नवासित किया गया। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) इस योजनान्तर्गत 92 बच्चों को रू०4000/- प्रतिमाह की दर से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के तहत 545 बच्चों को रू० 2500 /- प्रतिमाह की दर से लाभान्वित किया जा रहा है। पी०एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजनान्तर्गत जनपद के तीन बच्चों को एकमुश्त रू० 10-10 लाख व एक-एक लैपटाप तथा रू. 4000/- प्रतिमाह की दर से लाभान्वित किया जा रहा है।
बैठक में लखनऊ मंडल के यूनिसेफ सलाहकार अनिल कुमार द्विवेदी ने जिला भाषण समिति के अंतर्गत ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर बाल शिक्षण समितियों के गठन एवं बाल विवाह के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। बैठक में सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, पुलिस विभाग, अभियोजन अधिकारी, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्य आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
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