● राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का लखनऊ मंडल का मंडलीय सम्मेलन लखीमपुर में हुआ संपन्न
● लखीमपुर के जिला चिकित्सालय में कर्मचारियों को संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने किया संबोधित
● संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी थे मुख्य अतिथि
● संयुक्त परिषद की सचिव अरूण शुक्ला भी अधिवेशन में पहुंची
● कर्मचारियों की समस्याओं पर हुआ मंथन
लखीमपुर खीरी, 21 जनवरी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने, मंडलीय सम्मेलनों के माध्यम से कर्मचारियों में जागरण अभियान का कार्यक्रम 15 नवंबर 2022 से शुरू किया था। अब तक बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर ,वाराणसी, विंध्याचल, झांसी, चित्रकूट सहित कई मंडलों की बैठक के बाद 21 जनवरी को लखनऊ मंडल की बैठक लखीमपुर के नवनिर्मित जिला चिकित्सालय में संपन्न हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने अवगत कराया कि 3 माह से मंडलीय सम्मेलनों के माध्यम से कर्मचारी जागरण का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मंडलीय सम्मेलनों में मुख्य रूप से संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों को स्वीकार किया जाना, पुरानी पेंशन की बहाली, समाज कल्याण आश्रम पद्धति विद्यालय संविदा शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाना, सृजित पदों पर कार्यरत योग्यता धारी संविदा शिक्षकों को नियमित किया जाना, कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू किया जाना आदि मांगे प्रमुख रूप से चर्चा में रही है।
जे एन तिवारी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अवगत कराया है कि यद्यपि सरकार संयुक्त परिषद द्वारा उठाई गई कई मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही कर रही है। कर्मचारी संगठनों के साथ जनपद स्तर पर प्रत्येक माह जिला अधिकारी के साथ बैठक कर समस्याओं का समाधान किए जाने के आदेश मुख्य सचिव ने किए हैं। वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों पर भी लगातार निर्णय हो रहा है। सामान्य संवर्ग के 19 कर्मचारी संवर्गो की वेतन विसंगतियों पर वेतन समिति 2016 की संस्तुतियों पर निर्णय जारी हो चुका है। कैशलेस इलाज देना देने के लिए पीजीआई में व्यवस्था कर दी गई है। रिक्त पदों को भरे जाने के लिए मुख्य सचिव के आदेश जारी हुए हैं ,परंतु असली समस्या विभागों में कार्यवाही ना होने की है।
विभागीय अधिकारी कर्मचारियों की मांगों पर उदासीन है। विभागों में कर्मचारियों की समस्याओं पर सुनवाई नहीं हो रही है जिसके कारण समस्याओं का अंबार लगता चला जा रहा है ।29 जनवरी को लखनऊ में केंद्रीय कार्यकारिणी की समीक्षा बैठक हो रही है जिसमें मंडलीय बैठकों की समीक्षा करके लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी ।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की संयुक्त सचिव अरुणा शुक्ला ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अवगत कराया कि चकबंदी अधिकारी संवर्ग, मलेरिया फाइलेरिया विभाग के कर्मचारियों, खाद्य रसद विभाग के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों एवं अन्य मांगों पर विभागीय स्तर पर वार्ता हुई है, लेकिन खाद रसद विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में अधिकारियों की उदासीनता के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी है।
समाज कल्याण विभाग आश्रम पद्धति विद्यालय के कर्मचारियों को सातवां वेतन आयोग देने एवं विनियमित करने के लिए कार्मिक एवं वित्त सचिव के साथ सार्थक वार्ता हुई है लेकिन फिर भी अभी तक आदेश नहीं होने से आश्रम पद्धति विद्यालय के शिक्षकों में रोष है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, समाज कल्याण विभाग के आश्रम पद्धति विद्यालयों के कर्मचारियों शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाना, विनियमितीकरण किया जाना जैसे मुद्दों पर मुख्यमंत्री जी का ध्यानाकर्षण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी से हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया है।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा लखीमपुर के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, मंत्री सहदेव सचान सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं जनपदों के पदाधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए ।
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