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शनिवार, 14 जनवरी 2023

कायस्थ समाज के बिखराव से आहत अंतर्राष्ट्रीय कायस्थ संघ के आलोक सक्सेना ने लिखा खुला खत

आदरणीय कायस्थ बंधु !
नमस्कार,
आज मुझे बहुत दुख हो रहा है देश के अंदर कायस्थ समाज के हजारों संगठन चल रहे हैं कई हजार राष्ट्रीय अध्यक्ष,राष्ट्रीय महासचिव व पदाधिकारी बने हुए हैं कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन चला रहे हैं कायस्थ समाज को एकजुट करने की बात करते हैं कि कायस्थ समाज को हम लोग मजबूत करके आगे ले जाएंगे लेकिन कोई मेहंदी प्रतियोगिता करा रहे हैं,कुछ लोग सांस्कृतिक कार्यक्रम करा रहे हैं लेकिन जब राजनीतिक रूप से लड़ाई लड़ने की बात आती है वही लोग कहीं नजर नहीं आते उत्तर प्रदेश में चाहे निकाय चुनाव हो,विधानसभा चुनाव हो,लोकसभा चुनाव हो कायस्थ समाज को हर दल नकार रहा है लेकिन अफसोस की बात है हजारों संगठन होने के बाद भी उनके कहने पर एक टिकट नहीं मिल सकती।
 भारतीय जनता पार्टी 95% कायस्थ समाज का वोट लेकर मजबूती के साथ खड़ी होती है मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में % वोट भाजपा को देते है देश के प्रधानमंत्री के क्षेत्र वाराणसी में 100% वोट भाजपा को दिया जाता है लेकिन जब टिकट का मामला आता है तो इनको दूसरी जाति के लोग नजर आते हैं हम आप सब से अनुरोध करना चाहते हैं ऐसे दलों का पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव में बहिष्कार करें खुलकर इनकी खिलाफत करें जब तक हम लोग इन उन दलों के खिलाफ नहीं खड़े होते  जो कायस्थ समाज को टिकट नही देते तब तक हम को मजबूती नहीं मिलेगी हम लोग पूरे उत्तर प्रदेश 5 विधान परिषद सीट में एक मात्र बरेली मुरादाबाद खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कायस्थ समाज के बहुत ही लोकप्रिय साथी श्री मनोज सक्सेना को भाजपा से चुनाव लड़ाने की भाजपा से मांग कर रहे लेकिन अफसोस है कि भारतीय जनता पार्टी अन्य जातियों को चुनाव लड़ा रही है जिस सीट से कायस्थ समाज पूरी ताकत के साथ मांग कर रहा था उस सीट पर 70 साल के बुजुर्ग को प्रत्याशी बनाकर कायस्थ समाज के मुंह पर तमाचा मारा है ऐसी भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कायस्थ समाज एक एक बच्चा मतदाता चाहे वह स्नातक का चुनाव हो चाहे शिक्षक का चुनाव हो इस चुनाव में हम भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मतदान करें और अगर वह निकाय चुनाव में हमको सम्मान देती है तभी हम लोग भारतीय जनता पार्टी के साथ खड़े होंगे।
मैं आपसे कर्मठ अनुरोध करता हूं हम लोग राष्ट्र के साथ हैं लेकिन हमारे जाति का पतन किया जा रहा है हमारा राजनीतिक स्तर नीचे जा रहा है हमको सोचने पर मजबूर कर दिया है क्या हम बंधुआ मजदूर है किसी राजनीतिक दल के,अगर हम बंधुआ मजदूर नहीं हैं तो हम अन्य जाति की तरह क्यों नहीं पार्टियों से कहते कि आप अगर हमें सम्मान देंगे आप अगर कायस्थ समाज के लोगों को प्रत्याशी बनाएंगे तभी हम आपके साथ खड़े होंगे हमको आज यह बात साफ कहनी है कि हम किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों के साथ नहीं जो राजनीतिक रूप से हमारे खिलाफ है जो हमारी बात करेगा हम उसके साथ खड़े होंगे।
आलोक सक्सेना
 प्रदेशाध्यक्ष पश्चिम उत्तर प्रदेश
अंतरराष्ट्रीय कायस्थ संघ

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