"मेरी इच्छा तो हो रही है कि मैं आत्महत्या कर लूं बड़ी मेहनत की रात में बारह बारह बजे तक पढ़ाई की किंतु सफल नहीं हो सका और धीरे-धीरे उम्र भी निकलती जा रही है।" मेरे एक परिचित ने कई वर्षों के बाद मिलने पर बताया। परिचित की बातें सुनकर मैं चिंतित हो उठा। मैं समझ गया कि वे निराश हो गये है ।उन्होंने बायो से बीएससी किया है। विद्यार्थी जीवन मे भी उनकी गिनती अच्छे छात्रों में होती थी। विद्यार्थी जीवन से ही रेलवे के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी किंतु आज तक प्रयासों में सफल न हो सके थे। मैंने उनसे पूछा यदि रेलवे की परीक्षाओं में आप सफल ना हो सके तो अन्य परीक्षाएं भी देकर देख लीजिए हो सकता है उनमें सफल हो जाए। उन्होंने पुनः कहा कि मैं करूँगा तो रेलवे की ही नौकरी अन्यथा करूँगा ही नहीं। मैंने उन्हें समझाया कि क्या सभी व्यक्ति सरकारी नौकरी करके ही जीवन यापन कर रहे हैं। जो लोग नौकरी नहीं कर रहे हैं वे सफल नहीं हैं। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही हैं।
मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूँ जो अधिक पढ़े लिखे नहीं हैं किंतु किसी सरकारी नौकरी वाले से भी अधिक सफल जीवन जी रहे हैं। कई ऐसे लोग भी है जो महज इण्टर ही पास है विषय पर अच्छी पकड़ है और वे कोचिंग संस्थान चलाकर सम्मान जनक जीवन जी रहे हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो सरकारी नौकरी छोड़कर अच्छा व्यवसाय कर रहे हैं या अच्छी कोचिंग क्लासेज चला रहे है। आप के पास ज्ञान है तो उसका उपयोग कीजिए कोचिंग क्लास चला लीजिए। निराशा जनक जीवन से निकलिए। उनके बात समझ मे आई और वे चले गए आज वे कोचिंग क्लास चला रहे है और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
उनके जाने के बाद मैं चिंतन करने के लिए विवश विवश हो गया कि क्या शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही है? यदि छात्र जीवन में किसी भी विद्यार्थी ने विषय का गहन अध्ययन किया होगा तो उसे सरकारी नौकरी मिले न मिले उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। वह किसी सरकारी नौकरी से भी अधिक सफल जीवन जी सकता है। बेरोजगारी के दौर से वही गुजरते हैं जिन्होंने छात्र जीवन में लापरवाही की हो ।विषय का गहन अध्ययन करने वाले कभी निराशा जनक जीवन जी ही नहीं सकते हैं क्योंकि उनके पास उत्साह होता है कुछ नया करने का, अपने व निकट के युवाओं को कुछ अलग देने का और यह अलग देने का जुनून ही उन्हें उस ऊँचाई तक पहुंचा देता है जिस ऊंचाई तक पहुँचने की आप कल्पना तक नहीं करते है।
आज विद्यार्थी नौकरी की आशा लिए कक्षाएं उत्तीर्ण होने के लिए उत्तर याद करता है। ज्ञान के लिए अध्ययन नहीं करता है। जिसने ज्ञान के लिए अध्ययन किया वह सदैव ही सफल जीवन जीता है। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि जिस गति से आबादी बढ़ रही है उस गति से रोजगार के अवसर नहीं बढ़ रहे हैं। इस स्थिति में सफल और सम्मानजनक जीवन के लिए विषय का गहन अध्ययन आवश्यक है।।जो जीवन में आपको मिला हैं उसका सही उपयोग कर लेने वाला व्यक्ति सदैव सफल जीवन जीता है।
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