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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

खीरी खबर / आइये जानें ! शारदा पर पैंटून पुल बन जाने से किस - किस को होगा लाभ

 सम्पूर्णानगर-खीरी। पड़ोसी जनपद पीलीभीत के हजारा में अस्थायी पैंटून पुल पर आज से आवागमन चालू हो गया है, इस पुल के बनने से न केवल ट्रांस शारदा क्षेत्र हजारा में बसे लोगों को सहूलियत मिलेगी, बल्कि खीरी में बसे सम्पूर्णानगर के लोगों को भी मिलेगी। इन्हें पहले की अपेक्षा अब एक तिहाई दूरी तय करनी पड़ेगी।
  बता दें हजारा एवं सम्पूर्णानगर के बाशिन्दों की आवश्यकता लगभग समान है क्योंकि देश के अंतिम छोर पर बसे इस तराई क्षेत्र में बेहतर चिकित्सीय सुविधाओं एवं उच्च शिक्षण संस्थानों तथा रोजगारपरक सुविधाओं की घोर कमी है। इसी के चलते यहाँ के लोगों को पूरनपुर, पीलीभीत, बरेली, दिल्ली, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में जाना पड़ता है ,, शारदा पर पुल न होने के चलते  सात से आठ माह तक यहाँ के लोगों को भारी दुःस्वरियों का सामना करना पड़ता है।
 सात से आठ माह के दौरान शारदा में पानी कम होने पर नाव व पैंटून पुल के सहारे खजुरिया से पूरनपुर का आवागमन होता है जिसमें नाव से पैदल,साइकिल एवं मोटरसाइकिल से जाया जाता है। 
            पुल बनने पर चार पहिया वाहनों से भी आवागमन होने लगता है, जिससे दूरी कम होने से गृह जनपद होने के कारण हजारा के लोगों के तो सरकारी कामकाज तहसील पूरनपुर एवं पीलीभीत से होते हैं, परन्तु संपूर्णानगर के लोगों को अपनी चिकित्सा, शिक्षा एवं रोजगार के लिए उन क्षेत्रों में जाने की जरूरत पड़ती है।

 ◆ आइए जानें ! शारदा पर पुल बन जाने से लाभ :
सामान्य इलाज तो हमारे क्षेत्र में मिल जाता है परन्तु हार्ट अटैक जैसी बड़ी बीमारियों के इलाज हेतु लखनऊ की अपेक्षा कम दूरी होने के चलते क्षेत्रवासियों को पीलीभीत, बरेली, रामपुर जाना पड़ता है।
 जब कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ता है तो आनन - फानन लोग साधन की व्यवस्था कर मरीज को लेकर जाते हैं। पलिया, मैलानी होते अधिक दूरी के चलते व्यक्तिगत साधन से भी तीन से चार घण्टे लग जाते हैं। पूर्व के वर्षों में देखा गया है कि अधिक दूरी के चलते मरीज अस्पताल पहुँचने से पूर्व रास्ते में ही दम तोड़ देता है, ऐसे में मरीज तो बिना इलाज मर ही जाता है। ऊपर से परिजन के साधन पर किराए का चार से पाँच हजार रुपये अनावश्यक खर्च हो जाता है। क्षेत्र के अनगिनत परिवारों को प्रत्येक वर्ष ऐसी परिस्थितियों से दो चार होना पड़ता है, इस लम्बी दूरी ने न जाने कितने परिवारों को खुशियों से जीवन पर्यन्त के लिए महरूम ही कर दिया। 
यदि किसी लम्बी बीमारी का इलाज कराना हो तो महीनें में डॉक्टर दो से तीन बार तो बुला ही लेता है, ऐसे में जितना बीमारी के इलाज हेतु दवा आदि पर खर्च नहीं आता उससे कहीं ज्यादा खर्च यात्रा पर आ जाता है।
अस्थाई पुल बनने की खुशी तो है परन्तु शारदा पर पक्का पुल बन जाता तो लोग यूँ रास्ते में दम न तोड़ते परिवारों को मानसिक एवं आर्थिक परेशानियाँ न होती।

 ◆ पुल से एसएसबी को भी होगा फायदा :
एसएसबी 49 वीं वाहिनी पीलीभीत की आधा दर्जन से अधिक सीमा चौकियां जिसमें बसही, बड़ा मझरा, कमलापुरी ,आजाद नगर खीरी जिले में  स्थित हैं व शारदापुरी, कंबोजनगर, टिल्ला नंबर 4, टाटरगंज  हजारा में इस्थित हैं, सभी भारत - नेपाल की सीमा पर तैनात हैं जोकि सभी शारदा इस पार इस्थित हैं।
 चौकियों पर तैनात बल के जवानों को शारदा पर पुल न होने के चलते अपने मुख्यालय आने जाने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है वहीं जवानों को यात्रा में दिए जाने वाले यात्रा भत्ते का खर्च भी ज्यादा आता है,जिसका बोझ केंद्र सरकार को उठाना पड़ता है। वहीं स्थाई पुल ना होने के चलते वाहिनी के अफसरों द्वारा इन सीमा चौकियों की निगरानी भी बरसात के दिनों में कठिन हो जाती है।
 पेंटून पुल बनने से अस्थाई व पक्का पुल बनने से बल को स्थाई सहूलियत मिलने लगेगी। मुख्यालय से शारदा इस पार आने - जाने वाले वाहनों को खीरी होते 100 किमी का अधिक चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। नेपाल में चाइना का बढ़ता दखल व हाल के वर्षों में भारत विरोधी गतििधियों को देखते हुए भी शारदा पर पक्का पुल शीघ्र बनाए जाने की आवश्यकता है ताकि विषम परिस्थितियों में बरेली से सेना यहां शीघ्र पहुंच कर इस क्षेत्र  के निवासियों को सुरक्षा प्रदान कर सके।

 ◆ पुल बनने से नेपालियों को भी लाभ ;
शारदा पर पुल बनने से सम्पूर्णानगर एवं हजारा ही नहीं बॉर्डर किनारे रह रहे नेपालियों को भी लाभ है क्योंकि वे भी पथरी का ऑपरेशन, हृदय आदि सम्बन्धी  रोगों के लिए पीलीभीत, बरेली के विभिन्न अस्पतालों में  बड़ी संख्या में जाते हैं। भारत की सीमा से लगे होने के चलते नेपाल राष्ट्र के जिला कंचनपुर के लोगों को शारदा पर पेंटून पुल बनने का इंतजार रहता है। वे अपने निजी साधनों या खजुरिया से बस व अन्य प्राइवेट वाहनों से पीलीभीत, बरेली, रामपुर  पहुँचते हैं।

संवाददाता- गोविन्द कुमार, सम्पूर्णानगर

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