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बुधवार, 16 नवंबर 2022

डेंगू के लक्षण की पहचान कर एवं समय से उपचार कर जीवन को करें सुरक्षित : सीएमओ, लखीमपुर

लखीमपुर खीरी। बारिश के साथ मौसम में हुए बदलाव के बाद विगत कुछ दिनों से वायरल बुखार एवं डेंगू के रोगी पाए जा रहे हैं। जिनके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा इलाज की समुचित व्यवस्था उनके नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला चिकित्सालय में की गई है। दोनों ही जगह ऐसे मरीजों के लिए बेडों की संख्या सुनिश्चित कर दी गई है। वहीं इनकी जांच और दवा की उपलब्धता 24 घंटे सुरक्षित रखने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं। यह जानकारी सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता द्वारा दी गई।

उन्होंने बताया कि माह अक्टूबर से वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी। इनके उपचार के व्यापक प्रबंध स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए थे। वर्तमान समय में डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जिसे लेकर उनके द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में जिला चिकित्सालय में डेंगू वार्ड में 20 वार्डों की संख्या को बढ़ाकर 50 बेड कर दिया गया है, तो वही यहां पर 24 घंटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की रोटेशन वाइज ड्यूटी के निर्देश दिए गए हैं और इसका नोडल एसीएमओ डॉ राजेंद्र कुमार देव को बनाया गया है। इसी तरह सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू वार्ड बनाया गया है और यहां पर 4 बेड इसके लिए सुरक्षित किए गए हैं।

इस दौरान उन्होंने बताया कि लोगों को डेंगू के लक्षणों की पहचान होनी चाहिए जिनमे अचानक तेज बुखार व सिर दर्द होना, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता है, जी मितलाना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक मसूड़ों से खून निकलना अथवा त्वचा पर चकत्ते उभरना आदि मुख्य लक्षण हैं। उन्होंने इससे बचाव पर सुझाव देते हुए बताया कि पानी की टंकी को पूरी तरह से ढक कर रखें, फुल आस्तीन के कपड़े व जूते मोजे पहने, घरों के दरवाजे व खिड़कियों पर जाली लगवाए, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, डेंगू का लारवा साफ पानी में पनपता है अतः अपने घरों में प्रतिदिन कूलर, बर्तन, गमले में भरे पानी को अवश्य निकाल दें तथा घरों के पास गड्ढों में भरे पानी में जला हुआ मोबिल डाल दें। जिससे डेंगू का लारवा पनप नहीं पाएगा। 

आगे बताते हुए उन्होंने कहा कि आपको जिन विशेष बातों का ध्यान रखना है उनमें घर और कार्यस्थल के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, पुराने टायर, प्लास्टिक के कप, बोतलों, कबाड़ आदि में पानी इकट्टा ना होने दें, फ्रिज की बकेट में पानी इकट्ठा होने ने दें। घर की छतों पर पानी इकट्ठा होने दें, इसी के साथ प्रशिक्षित डॉ से इलाज करवाएं, झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज ना करवाएं और डेंगू की जांच सरकारी अस्पताल में करवाएं जो की पूरी तरह से निशुल्क है।

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