लखीमपुर खीरी 16 नवंबर । बुधवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्वावधान में जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर कलेक्ट्रेट में भव्य कार्यक्रम हुआ, जिसमें राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका विषयक संगोष्ठी संपन्न हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, प्रभारी पुलिस अधीक्षक/अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मौजूद मीडिया के वरिष्ठ प्रतिनिधियों संग मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया गया। कार्यक्रम का संचालन लोकेश कुमार गुप्ता ने किया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने लोकतंत्र के सजग प्रहरी सभी सम्मानित पत्रकार बंधुओं को राष्ट्रीय प्रेस दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रेस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह दिन एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी का प्रतीक है। जनता को सही, निष्पक्ष, प्रमाणिक और सामयिक सूचना से शिक्षित करने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है, यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी भी है। वास्तव में राष्ट्र निर्माण में मीडिया की अहम भूमिका है। पत्रकार घटनास्थल पर जाकर घटनाओं की वास्तविकता को परखते हैं और खबरों को लिखते हैं, प्रशासन को पत्रकारों का पूरा सहयोग मिलता है।
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने प्रेस' की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और उच्च नैतिक मापदंडों के प्रति आग्रह को प्रकट करते 'राष्ट्रीय प्रेस दिवस' की सभी पत्रकार जन को हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पत्रकार बंधु लोकतंत्र के 'सजग प्रहरी' हैं। राष्ट्र की उन्नति हेतु आप सभी के प्रयासों को कोटिशः नमन।’
प्रभारी एसपी/एएसपी अरुण कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी का प्रतीक राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ से जुड़े सभी पत्रकारों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।
वरिष्ठ पत्रकार मयंक बाजपेई ने कहा कि पत्रकार खुद को अपडेट रखे। देश दुनिया की खबर जानने के साथ ही वह खुद को समय देना भी सीखे। समय प्रबंधन आज की जरूरत है। इंटरनेट मीडिया के दौर में एजेंडा जर्नलिज्म से अलग हटकर सच को सामने लाए। पत्रकार हमेशा यह विचार करे कि समाज मे उसका रोल क्या है? समाज में कुछ बेहतर हो रहा है तो उसे भी जनता के सामने लाने की कोशिश करे। सिर्फ निगेटिव नहीं, सकारात्मक विचारों व खबरों को भी जनता के सामने रखे।
वरिष्ठ पत्रकार धर्मेश शुक्ला ने कहा कि मौजूदा परिवेश में मीडिया की अहम भूमिका है लेकिन मीडिया को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। अपने समाचार पत्र में, चैनल में पोर्टल में कुछ भी प्रकाशित अथवा प्रसारित करने से पहले यह सोचना होगा कि उनकी यह सामग्री पाठकों और दर्शकों पर क्या प्रभाव डालेगी? यदि वह प्रभाव सकारात्मक है तो निश्चित रूप से यह एक समाज के हित में कार्य करेगी और यह प्रभाव यदि नकारात्मक है तो समाज का नजरिया भी नकारात्मक ही होगा इन चीजों पर जरूर विचार करना चाहिए। मीडिया सदैव सम्मानित स्थान पर ही रहा है और तब तक उसका कोईं उत्पीड़न नहीं हुआ जब तक उसके अपने हित अथवा स्वार्थ उसके कर्तव्य से नहीं टकराते इसलिए मीडिया को सदैव निष्पक्ष व तटस्थ भूमिका में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना चाहिए।
वरिष्ठ पत्रकार नंद कुमार मिश्रा ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई व आजादी के बाद प्रेस की अहम भूमिका रही है। एक मजबूत लोकतंत्र के रूप में देश को दुनिया सम्मान दे रही है। इसी कारण जी-20 की अगुवाई प्रधानमंत्री जी को मिली है। देश का प्रेस सशक्त है और रहेगा।
वरिष्ठ पत्रकार प्रशान्त पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने में पत्रकारों का रोल अहम है। पत्रकार समाज का आईना होता है। पत्रकारों को बिना लाग लपेट सीधी सपाट खबरें लिखनी दिखानी चाहिए जिससे जन की आवाज शासन और सरकार तक पहुँच सके। पत्रकार को जनता की आवाज बने रहना चाहिए। गाँव,गरीब शोषित,किसानों मजदूरों की समस्याओं को जोरशोर से अपनी लेखनी के माध्यम से उठाना चाहिए जिससे प्रशासन और शासन उसपर एक्शन ले सके। एक अच्छा समाज बने और इससे एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण हो।
पत्रकार जेपी मिश्रा ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में मीडिया की अहम भूमिका है। हमारा लोकतंत्र और मीडिया शैशव काल में है क्योंकि हम 1947 में ही आजाद हुए हैं। 16 नवंबर के ही दिन भारतीय प्रेस परिषद की स्थापना हुई थी। यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिला प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि पहली बार यह कार्यक्रम प्रशासन की देखरेख में हो रहा है।
गोष्ठी में पत्रकार डॉ अखलाख, सियाराम गौड़, सुनील पांडेय, सुनील सोनी, धीरेंद्र अवस्थी ने भी राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में पत्रकार बंधु एवं सूचना विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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