इस साल वाराणसी में देव दीपावली पर गंगा में केवल सीएनजी नावों के संचालन की अनुमति होगी।डीजल से चलने वाली नावों के संचालन पर नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रदूषण के मद्देनजर नगर निगम ने नाविकों को यह निर्देश जारी किया है। नाविकों को 10 अक्तूबर तक सीएनजी किट लगवाने की समयसीमा निर्धारित की गई है। इसके बाद नगर निगम जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेज देगा और डीजल चालित नावों के संचालन पर नाविकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी तक 796 नावों में सीएनजी किट लगाई गई है। जबकि गंगा में दो हजार से अधिक नावों का संचालन होता है। पिछले साल 1197 नावों का पंजीकरण कराया गया था।
नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने कहा कि इस बार देव दीपावली पर केवल सीएनजी नावों के संचालन की ही अनुमति मिलेगी। यदि नाविक देव दीपावली पर्व पर अपनी नाव का संचालन करना चाहते हैं तो जरूरी दस्तावेजों के साथ तत्काल जोनल अधिकारी या नगर निगम मुख्यालय के लाइसेंस विभाग में संपर्क करें।
डीजल व पेट्रोल से चलने वाली 80 प्रतिशत नावों को सीएनजी में बदल दिया गया है। इसकी लागत 29.7 करोड़ रुपये आई है। वाराणसी स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. डी. वासुदेवन ने बताया कि 20 प्रतिशत बोट को देव दीपावली के पहले सीएनजी में बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएनजी से चलनी वाली नाव इको फ्रेंडली होने के साथ 50 प्रतिशत किफायती होती हैं। डीजल या पेट्रोल इंजन वाली छोटी-बड़ी नाव पर करीब दो से ढाई लाख रुपए की लागत आती है।
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