🔘 खीरी के जलज ने 'मैं भारत हूँ' से बॉलीवुड में फहराया राष्ट्रगौरव का परचम
लखीमपुर खीरी। प्रतिभा जब संकल्प का हाथ थाम लेती है, तो छोटे कस्बों की मिट्टी भी सपनों को आसमान तक पहुँचा देती है। जनपद खीरी के फरधान-मन्योरा की पावन धरती से निकले युवा फिल्मकार आदित्य वर्मा 'जलज' ने इसी विश्वास को साकार करते हुए बॉलीवुड में अपनी नई फिल्म "मैं भारत हूँ" का भव्य शुभारंभ कर दिया है। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और मानवता का जीवंत सिनेमाई घोष है।
फिल्म की शूटिंग का शुभारंभ बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता रज़ा मुराद की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। मुंबई से आए अनेक कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस ऐतिहासिक क्षण को यादगार बनाया। शुभारंभ के साथ ही फिल्म जगत में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की चर्चा तेज हो गई है। आई.ए.एस. की तैयारी छोड़कर भारतीय सिनेमा को अपना जीवन समर्पित करने वाले आदित्य वर्मा 'जलज' का संघर्ष प्रेरणा का पर्याय है। वर्ष 2007 में "उमराव जान" के प्रसिद्ध निर्देशक मुज़फ़्फ़र अली के सानिध्य से शुरू हुई उनकी यात्रा आज एक ऐसे मुकाम पर पहुँच चुकी है, जहाँ उनका सपना पूरे देश के लिए संदेश बनता दिखाई दे रहा है। फिल्म "मैं भारत हूँ" का निर्माण जलज एंड प्रिया क्रिएशंस के बैनर तले किया जा रहा है। निर्माता, निर्देशक और लेखक स्वयं आदित्य वर्मा 'जलज' हैं, जबकि क्रिएटिव डायरेक्टर रंजन शाह, सिनेमेटोग्राफर एम. सलीम खान और संगीतकार अंजनी श्रीवास्तव हैं। गीतकार आचार्य वी. डी. वर्मा एवं प्रियंका वर्मा ने अपने शब्दों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों की सुगंध बिखेरी है। अमित बांगा और मोनिका श्रीवास्तव की सुमधुर आवाज़ ने गीतों को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।
फिल्म का शीर्षक गीत "पूरब से पश्चिम तक, उत्तर से दक्षिण तक… सभी जातियों, सब धर्मों का मैं भारत हूँ…" भारत की विविधता में एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब का ऐसा भावपूर्ण चित्र प्रस्तुत करता है, जो हर भारतीय के हृदय को स्पंदित करने की क्षमता रखता है। आदित्य वर्मा 'जलज' ने कहा कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का भावनात्मक संदेश है। उनका मानना है कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने वाली फिल्मों की सबसे अधिक आवश्यकता है।
फिल्म में लखीमपुर खीरी की प्रतिभाओं एड. आर्येन्द्र पाल सिंह, रश्मि खान और ध्रुव मिश्रा को भी महत्वपूर्ण अवसर दिया गया है। इसके साथ ही जलज ने अपने परिवार, सहयोगियों और पूरी फिल्म यूनिट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता सामूहिक विश्वास, संघर्ष और समर्पण का परिणाम है। भव्य पोस्टर और प्रभावशाली शुरुआत को देखकर फिल्म जगत में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि "मैं भारत हूँ" दर्शकों को एक बार फिर भारत कुमार मनोज कुमार की देशभक्ति से ओत-प्रोत फिल्मों की याद ताज़ा करा सकती है।
गंगा-जमुनी संस्कृति पर आधारित यह बहुप्रतीक्षित फिल्म वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। इसके बाद जलज की अगली महत्वाकांक्षी फिल्म "2050 A War for Water" पर भी कार्य प्रारंभ किया जाएगा। लखीमपुर की मिट्टी से उठी यह सिनेमाई उड़ान आज पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन रही है। यह केवल एक फिल्म का निर्माण नहीं, बल्कि उस विश्वास का उत्सव है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती यदि इरादे राष्ट्र, संस्कृति और मानवता के लिए समर्पित हों।
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