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रविवार, 7 जून 2026

सीतापुर : किसी बड़ी घटना का इंतजार करता बिजली विभाग

🔘 किसी बड़ी घटना का इंतजार करता बिजली विभाग


 अनहोनी को निमंत्रण देता चित्र हरदोई रोड सीतापुर का है 

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के गाँवों, कस्बों और शहरों में आज भी बड़ी संख्या में ऐसे बिजली के खंभे खड़े हैं जो जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं और किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। कई स्थानों पर खंभे झुक चुके हैं, उनके आधार कमजोर हो चुके हैं तथा बिजली के तारों का बोझ उन्हें गिरने की स्थिति तक ले आया है। संबंधित तस्वीर भी ऐसी ही गंभीर स्थिति को दर्शाती है।

विगत एक महीने में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई तेज आँधियों और बारिश के दौरान अनेक बिजली के खंभे धराशायी हुए हैं। कई घटनाओं में जनहानि और आर्थिक नुकसान की खबरें भी सामने आईं, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में कोई विशेष सुधार दिखाई नहीं देता। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के घटित होने की प्रतीक्षा कर रहा है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बिजली विभाग खंभों और तारों की नियमित जांच तथा रखरखाव को लेकर गंभीर नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली के तारों का मकड़जाल फैला हुआ है, जो दुर्घटनाओं की आशंका को और बढ़ाता है। बरसात और आँधी के मौसम में ऐसे जर्जर ढांचे आम लोगों के लिए लगातार खतरा बने रहते हैं।

जनता का कहना है कि विभागीय अधिकारी उपभोक्ताओं से राजस्व वसूली और बिल संबंधी कार्यों पर तो विशेष ध्यान देते हैं, लेकिन सुरक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दे अक्सर उपेक्षित रह जाते हैं। यदि समय रहते कमजोर खंभों की पहचान कर उनका प्रतिस्थापन किया जाए और तारों की नियमित मरम्मत सुनिश्चित की जाए तो अनेक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि हमारे देश में अक्सर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासनिक तंत्र सक्रिय होता है। सड़क दुर्घटनाएं, निर्माण संबंधी खामियां, अस्पतालों की लापरवाही अथवा बिजली व्यवस्था की बदहाली—हर क्षेत्र में आम नागरिक ही इसकी कीमत अपनी जान और संपत्ति से चुकाता है। घटना के बाद मुआवजे की घोषणा और सीमित स्तर की कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने और स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम कम ही दिखाई देते हैं।

क्षेत्रीय नागरिकों ने सरकार और बिजली विभाग से मांग की है कि प्रदेशभर में जर्जर बिजली खंभों और जोखिमपूर्ण विद्युत लाइनों का विशेष सर्वे कराया जाए, उनकी तत्काल मरम्मत या बदलने की व्यवस्था की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले ही लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

-जनहित एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति चिंतित नागरिक

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