🔘 विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान को लेकर बनी व्यापक रणनीति
लखीमपुर। लखीमपुर खीरी में विश्व पर्यावरण दिवस की तैयारी केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि धरती को नई हरियाली और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का जनसंकल्प बनती दिखाई दी। गुरुनानक इंटर कॉलेज हाल में आयोजित जन जागृति सामाजिक संस्था की महत्वपूर्ण बैठक में जब पर्यावरण संरक्षण की बात उठी, तो हर चेहरे पर प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट झलक उठा।
बैठक में उपस्थित समाजसेवियों, पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने इस बात पर गहन चिंता व्यक्त की कि यदि आज वृक्षों और प्रकृति की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास नहीं किए गए, तो आने वाला समय मानव जीवन के लिए गंभीर संकट लेकर आएगा। वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष केवल हरियाली का प्रतीक नहीं, बल्कि मानव जीवन की सांस, धरती का श्रृंगार और भविष्य की सुरक्षा का आधार हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी डॉ. डी.एन. मालपानी, नरेश चन्द्र वर्मा एवं मुख्य संरक्षक सेवक सिंह अजमानी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशाल वृक्षारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित कर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिक संगठनों से समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत अभियान से जुड़ सकें। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. डी.एन. मालपानी, डॉ. प्रदीप कुमार निगम, नरेश चन्द्र वर्मा, सतीश चन्द्र टंडन, विपिन ए तथा आलोक रस्तोगी को महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। बैठक में यह भी विशेष रूप से तय किया गया कि ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां लगाए गए पौधों की नियमित सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके, जिससे यह अभियान केवल औपचारिकता न रहकर धरती के भविष्य को हराभरा बनाने का स्थायी प्रयास बने। इस दौरान संरक्षक सेवक सिंह अजमानी ने देहदान के प्रति जागरूक करते हुए मानव सेवा का संदेश भी दिया। वहीं डॉ. डी.के. सिंह, विपिन भारद्वाज, सरोज शर्मा, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह, रजेश शुक्ला, अतुल अग्रवाल, आशू कक्कड़, हरपाल सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। संस्था के जिला अध्यक्ष आलोक रस्तोगी ने भावुक शब्दों में कहा “एक वृक्ष केवल पौधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के जीवन का सुरक्षा कवच है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले ले, तो धरती फिर से हरी-भरी मुस्कान बिखेर सकती है।” बैठक के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण, वृक्ष संवर्धन और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। वातावरण में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट महसूस की गई।
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