Breaking

गुरुवार, 21 मई 2026

नोएडा/ नवरत्न “समर्पण-2026” बना सेवा, संस्कृति और संवेदना का संगम

🔘 नवरत्न “समर्पण-2026” बना सेवा, संस्कृति और संवेदना का संगम 

🔘 नवरत्न फाउंडेशन्स ने 25वें वर्ष ‘रजत जयंती’ में रखा गौरवपूर्ण कदम

नोएडा। नोएडा के सेक्टर-6 स्थित एन.ई.ए. भवन सभागार में जब राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की स्वर लहरियां गूंजीं, तो पूरा वातावरण देशभक्ति, संवेदना और सामाजिक समर्पण की ऊर्जा से प्रकाशवान हो उठा। अवसर था सामाजिक चेतना, प्रतिभा और विकास के मंत्र को आत्मसात कर समाज में उल्लेखनीय योगदान दे रही संस्था नवरत्न फाउंडेशन्स के 24वें वार्षिकोत्सव “समर्पण-2026” का, जिसने इस वर्ष अपने 25वें वर्ष अर्थात “रजत जयंती वर्ष” में प्रवेश कर नई उम्मीदों और संकल्पों का दीप प्रज्वलित किया।

संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि यह आयोजन केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि समाजसेवा, संस्कार, संस्कृति और संवेदनाओं का विराट उत्सव बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत गरिमा मिश्रा के स्वरबद्ध राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह को मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव से भर दिया। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण वह रहा जब संस्था ने अपने दो अनमोल स्तंभों संरक्षक अरुण वैद्य और वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर.के. सक्सेना को श्रद्धांजलि अर्पित की। दो मिनट के मौन के बाद उपाध्यक्ष सोमेश्वर शर्मा ने “चिट्ठी ना कोई संदेश...” गीत के माध्यम से ऐसी भावनात्मक स्वरांजलि दी कि सभागार की आंखें नम हो उठीं। चलचित्रों के माध्यम से दिवंगत सदस्यों के साथ बिताए स्वर्णिम पलों को स्मरण कर पूरा वातावरण आत्मीयता और संवेदनाओं से भर गया। इस अवसर पर आर.के. सक्सेना के सुपुत्र रौचक सक्सेना भी मंच पर उपस्थित रहे। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या ने ऐसा रंग जमाया कि पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नृत्य गुरु भावना मिश्रा की शिष्याओं आशिमा, ऋषिका, भूमिका, नंदिनी और सान्वी ने “अयीगिरी नंदिनी” और “है कथा संग्राम की” पर अद्भुत नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर शक्ति, साहस और संस्कृति का अनुपम संगम दिखाया। वहीं अक्षिता नंदिनी के भावपूर्ण नृत्य “जिया रे जिया रे” ने स्त्री स्वाभिमान, आत्मविश्वास और स्वतंत्रता का ऐसा संदेश दिया जिसने हर दर्शक के मन को झकझोर दिया। कार्यक्रम में संस्था की जूरी और टीम का परिचय कराते हुए मुख्य संरक्षक अरविंद श्रीवास्तव ने संस्था की उपलब्धियों और आगामी 25वें वर्ष के संकल्पों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के मानदंडों पर खरा उतरना केवल गौरव नहीं, बल्कि और अधिक जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प भी है। इसके बाद शुरू हुआ सम्मान और प्रेरणा का भव्य सिलसिला। महासचिव ए.वी. मुरलीधरन ने बताया कि समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। 750 से अधिक नेत्र ऑपरेशन कर मानवता की मिसाल बने विकास जैन को “नवरत्न विशिष्ट पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। डॉ. मधुस्मिता मंडल को “नवरत्न फाउंडेशन्स के रत्न” सम्मान से नवाजा गया। 17 वर्षीय खिलाड़ी अंशु कुमारी को “एस.एन. सूद सरेंडर नॉट अवार्ड” के अंतर्गत 11 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। सचिन गुप्ता एवं वाई.एस.एस. फाउंडेशन को “एफ.बी. निगम स्मृति पुरस्कार”, टी.के. दामोदर को “जे.बी. जयरथ स्मृति पुरस्कार”, सोनू राणा को “आकाश सक्सेना स्मृति यंग अचीवर्स अवार्ड”, डॉ. सुनीता जेटली को “दया रानी नारी सशक्तिकरण पुरस्कार”, मीनाक्षी त्यागी को “कुंवर स्वरूप भटनागर स्मृति पुरस्कार”, श्वेता गुप्ता को “सोनिया कोहली सामाजिक सहयोग विशेष पुरस्कार” तथा सत्यम श्रीवास्तव को “हरीश भालवार स्मृति पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अगले चरण में अपर्णा मिश्रा के गीत “दिल है छोटा सा, छोटी सी आशा” ने सपनों और उम्मीदों की मधुर अनुभूति कराई। रूपा श्री पल्लवी के निर्देशन में “या देवी सर्वभूतेषु” और “गुलाबी गैंग” जैसे ऊर्जावान नृत्यों ने महिला शक्ति और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संदेश दिया।

 डॉ. मृदुष्मिता मंडल ने “कोमल है कमजोर नहीं तू” गीत प्रस्तुत कर नारी सामर्थ्य को स्वर दिया, 

जबकि संस्था के ब्रांड एंबेसडर और “सारेगामापा लिटिल चैंप” फाइनलिस्ट दिवाकर शर्मा ने अपनी मधुर गायकी से समां बांध दिया। मातृ दिवस के अवसर पर प्रस्तुत गीत “तेरी परवाह करता हूं मैं मां” ने कई दर्शकों की आंखों को नम कर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. महेश शर्मा और विमला बाथम ने संस्था की सामाजिक स्वीकार्यता और निरंतर सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। वहीं डॉ. गांगुली ने डॉ. अशोक श्रीवास्तव को प्रेरणा स्तंभ बताते हुए उनके सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की और स्वयं भी सेवा कार्यों में सक्रिय सहयोग का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान संस्था ने अपने 25वें वर्ष में प्रवेश पर एक विशेष सामाजिक परियोजना “किक करो इक्वल फील्ड, इक्वल ड्रीम्स” का भी परिचय कराया, जिसके अंतर्गत संस्था के संरक्षण में तैयार की गई महिला फुटबॉल टीम को मंच पर प्रस्तुत किया गया। यह पहल बेटियों को खेल, आत्मविश्वास और समान अवसरों की नई उड़ान देने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बनकर उभरी। पूरे आयोजन में जहां एक ओर संगीत, नृत्य और संस्कृति की रंगत थी, वहीं दूसरी ओर समाजसेवा, संवेदना और प्रेरणा की अनुपम छटा दिखाई दी। सभागार में उपस्थित हर व्यक्ति इस आयोजन से केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सेवा और सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर लौटा। इस अवसर पर जमील अहमद, प्रदीप शर्मा, अनु खान, रंजन तोमर, प्रिंस शर्मा, कर्नल अमिताभ अमित, पंडित सुमित मिश्रा, शीला मिश्रा, ज्योति सक्सेना, प्रदीप पल्लवी, रितु सिन्हा, गौतम महर्षि, संदीप मिश्रा, एन.के. अग्रवाल, कृष्ण मोहन, संजय सिंह, अनुरंजन श्रीवास्तव, विनीत खरे, विवेक श्रीवास्तव विक्कू, अंशुमालि सिन्हा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उक्त जानकारी नवरत्न मीडिया प्रभारी अंशुमालि सिन्हा ने एक विज्ञप्ति में दी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Post Comments