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रविवार, 15 फ़रवरी 2026

Lmp. मुड़िया महंत मंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक से गुंजायमान हुआ वातावरण

🔘 मुड़िया महंत मंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक से गुंजायमान हुआ वातावरण 

लखीमपुर खीरी। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर जनपद के प्राचीन एवं श्रद्धा के केंद्र मुड़िया महंत मंदिर में भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम देखने को मिला। देवाधिदेव भगवान शिव के इस महान उत्सव पर मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की अपार आस्था से सराबोर हो उठा। चारों ओर “ॐ नमः शिवाय” और “हर-हर महादेव” के दिव्य उद्घोष गूंजते रहे, मानो स्वयं कैलाश की प्रतिध्वनि धरती पर उतर आई हो।

प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर की ओर उमड़ पड़ा। सफेद, केसरिया और पारंपरिक परिधानों में सजे भक्त हाथों में पूजन सामग्री लिए शिवधाम की ओर अग्रसर हो रहे थे। वातावरण में धूप, अगरबत्ती और पुष्पों की सुगंध घुली हुई थी, जो श्रद्धा को और भी प्रगाढ़ बना रही थी। इस अवसर पर विद्वान आचार्य पंडित पंकज कृष्ण शास्त्री के संयोजन एवं मार्गदर्शन में भव्य सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार की पवित्र ध्वनि के बीच भगवान शिव का जल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से विधिवत अभिषेक किया गया। 

प्रत्येक मंत्र के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और गहरी होती गई, और पूरा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख समृद्धि, समाज में सद्भाव और राष्ट्र की उन्नति की मंगलकामना की। कई भक्तों की आँखों में भक्ति के आँसू छलक उठे, तो कई जन ध्यानमग्न होकर शिवनाम का जाप करते रहे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो समय स्वयं ठहर गया हो और हर हृदय में शिवत्व जागृत हो गया हो। इस अवसर पर पंडित पंकज कृष्ण शास्त्री ने रुद्राभिषेक के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाते हुए कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और आत्मजागरण का दिव्य अवसर है। 

रुद्राभिषेक से जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का संचार होता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरा आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 

महाशिवरात्रि का यह पावन आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, आध्यात्मिक चेतना और सामूहिक सद्भाव का भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत कर गया। मुड़िया महंत मंदिर में गुंजित मंत्रों की ध्वनि और शिवभक्ति की वह पवित्र अनुभूति श्रद्धालुओं के हृदय में लंबे समय तक स्पंदित होती रहेगी।

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