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बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

Lmp. होली से पहले उम्मीदों का उपहार, दिव्यांगों को मिलेगा निःशुल्क बैटरी चलित कृत्रिम हाथ

🔘 होली से पहले उम्मीदों का उपहार, दिव्यांगों को मिलेगा निःशुल्क बैटरी चलित कृत्रिम हाथ

गोला गोकर्णनाथ। जब सेवा संकल्प बन जाए और संवेदना कर्म का रूप ले ले, तब असंभव भी संभव हो उठता है। कुछ ऐसा ही मानवीय संकल्प एक बार फिर साकार होने जा रहा है। होली से पहले गोला गोकर्णनाथ में छह वर्ष बाद पुनः निःशुल्क कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पात्र दिव्यांगों को अत्याधुनिक बैटरी चलित इंपोर्टेड कृत्रिम हाथ निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह जानकारी देते हुए निशक्त जन सेवा संस्थान, लखीमपुर खीरी के प्रभारी एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार पटवारी ने बताया कि इससे पूर्व वर्ष 2019 में पीलीभीत में देश का पहला कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपण शिविर आयोजित किया गया था। उस ऐतिहासिक शिविर में लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, कानपुर और बरेली तक के सैकड़ों दिव्यांगों का पंजीकरण हुआ था तथा दर्जनों दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम हाथ लगवाए गए थे। छह वर्ष बाद पुनः लगने जा रहे इस शिविर की विशेषता यह है कि इस बार लगाए जाने वाले कृत्रिम हाथ पूर्व की अपेक्षा कहीं अधिक उन्नत हैं। ये हाथ बैटरी से संचालित हैं, जिनमें बटन दबाते ही अंगुलियाँ और अंगूठा सहज रूप से कार्य करने लगते हैं। लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य का यह अत्याधुनिक हाथ पात्र दिव्यांगों को पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किया जाएगा। महेश कुमार पटवारी ने बताया कि यह कृत्रिम हाथ उन्हीं दिव्यांगों को लगाया जा सकेगा जिनका हाथ कोहनी से कटा हो
अथवा कोहनी के नीचे 2 से 3 इंच तक हाथ शेष हो। पंजीकरण हेतु आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड की दोनों ओर की फोटो प्रति, ऐसा फोटो जिसमें कटा हुआ हाथ और शरीर स्पष्ट दिख रहा हो दिव्यांग प्रमाण पत्र। बताते चलें कि सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार पटवारी वर्ष 2009 से निरंतर दिव्यांगों के लिए कृत्रिम हाथ एवं कृत्रिम पैर लगवाने का कार्य कर रहे हैं। अब तक वे सैकड़ों दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग दिलवा चुके हैं। वर्ष 2019 में आयोजित देश के पहले कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपण शिविर में भी उनके प्रयासों से लखीमपुर खीरी सहित आसपास के जिलों के अनेक दिव्यांगों को नया जीवन मिला था। इस बार लगाए जाने वाले बैटरी चलित कृत्रिम हाथ की खासियत यह है कि इसे पहनने वाला व्यक्ति मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहन तक आसानी से चला सकता है। सामान्य जीवन में यह हाथ इतना सहज है कि इसके ऊपर शर्ट या स्वेटर भी आराम से पहना जा सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार पटवारी ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि यदि उनकी जानकारी में कोई ऐसा पात्र दिव्यांग हो, तो यह सूचना अवश्य उस तक पहुँचाएँ, ताकि उसके जीवन में भी आत्मनिर्भरता और सम्मान की होली खेली जा सके। संपर्क 9889973217 पर कर सकते हैं। यह शिविर केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और नए जीवन की ओर बढ़ता एक प्रेरक कदम है।

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