लखीमपुर खीरी, 17 फरवरी 2026। न्याय केवल अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, वह तब साकार होता है जब वह समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। इसी उद्देश्य को मूर्त रूप देते हुए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष शिवकुमार सिंह के आदेश पर 22 फरवरी 2026 को प्रस्तावित मेगा/बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर से पूर्व लघु विधिक साक्षरता शिविरों के आयोजन की श्रृंखला प्रारंभ की गई है।
इसी क्रम में आज 17 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरधान, खीरी में एक प्रभावशाली लघु विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/सचिव की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को विधिक अधिकारों, निःशुल्क सहायता की उपलब्धता तथा सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में सरल एवं प्रेरक शब्दों में मार्गदर्शन प्रदान किया। शिविर के दौरान 58 नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 115 लोगों की आभा आईडी पंजीकृत की गई तथा 62 व्यक्तियों की रक्त जांच कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी लाभ से जोड़ा गया। यह केवल आँकड़े नहीं, बल्कि उन परिवारों की आशा हैं, जिनके जीवन में यह पहल सुरक्षा और विश्वास का नया संबल लेकर आई है। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जानकारी दी कि 22 फरवरी 2026 को राजकीय प्रशिक्षण संस्थान, राजापुर खीरी के ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित होने वाले मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर में जनपद के समस्त सरकारी विभाग अपने अपने स्टॉल लगाकर नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ एवं परामर्श प्रदान करेंगे। इस बृहद आयोजन का उद्देश्य स्पष्ट है जनपद के निर्धन वर्ग, दिव्यांगजन, बच्चों, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों, अनुसूचित जाति एवं वंचित समुदायों को शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना। जब विधिक साक्षरता समाज की चेतना बनती है, तब न्याय सशक्त होता है और जनकल्याण की राह विस्तृत होती है। फरधान में आयोजित यह लघु शिविर उसी उज्ज्वल परिवर्तन की पूर्वपीठिका सिद्ध हुआ जहाँ कानून, स्वास्थ्य और सेवा ने मिलकर मानवता के पक्ष में एक सशक्त संदेश
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