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शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

राज्य स्तरीय खादी मार्केटिंग व पीएमईजीपी प्रदर्शनी का करनाल में हुआ उद्घाटन

केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने करनाल में संयुक्त राज्य स्तरीय खादी मार्केटिंग व पीएमईजीपी प्रदर्शनी का किया उद्घाटन 


 प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: अध्यक्ष केवीआईसी

करनाल, 14 फरवरी : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा करनाल के एच.एस.वी.पी मैदान, सेक्टर-12 में आयोजित संयुक्त राज्य स्तरीय खादी मार्केटिंग व पीएमईजीपी प्रदर्शनी का शनिवार को केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने करनाल की मेयर श्रीमती रेनू बाला गुप्ता की उपस्थिति में भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 206 मशीनों और टूलकिट के साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कारीगरों को प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया। 22 फरवरी तक चलनेवाली प्रदर्शनी में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार सहित विभिन्न राज्यों के पीएमईजीपी, खादी, स्फूर्ति व अन्य इकाइयों के उद्यमियों द्वारा 79 स्टॉल लगाए गए हैं। 

प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने उपस्थित उद्यमियों, कारीगरों एवं आगंतुकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी एवं ग्रामोद्योग आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी स्वरोजगार को बढ़ावा देने, उत्पादों को बाजार से जोड़ने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनी में उपलब्ध सभी उत्पाद स्वदेशी और पर्यावरण के अनुकूल हैं। यहां पर आने वाले आगंतुक लाइव डेमो के माध्यम से देशी और एन.एम.सी चरखा, कुम्हारी और अगरबत्ती निर्माण के प्रत्यक्ष अनुभव ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत यहां पर कारीगरों को 146 लेदर टूलकिट, 20 विद्युत चालित चाक, 20 इलेक्ट्रिशियन टूलकिट और 20 वेस्टवुड टूलकिट का भी वितरण किया जा रहा है। 

समारोह में बोलते हुए अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने और स्थानीय शिल्पकारों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराने का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘नये भारत की नयी खादी’ नये प्रतिमान स्थापित कर ‘विकसित भारत’ अभियान को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने बताया कि ‘खादी क्रांति’ ने पिछले 11 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग के कारोबार को 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचा दिया है, जबकि इस दौरान 2 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। अध्यक्ष केवीआईसी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देशभर में संचालित ग्राम स्वराज से जुड़ी विभिन्न योजनाओं ने कारीगरों के कौशल को नई पहचान प्रदान की है तथा उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया है। 
  
केवीआईसी के राज्य कार्यालय, अंबाला की उपलब्धियों के बारे में श्री मनोज कुमार ने कहा कि राज्य कार्यालय, अंबाला के अंतर्गत खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्तमान में 96 खादी संस्थाएं कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से 59,796 से अधिक खादी कारीगरों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP) के अंतर्गत पिछले 12 वर्षों में 17,653 परियोजनाओं की स्थापना की गई है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा 584 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इन इकाइयों के माध्यम से 2 लाख 29 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश में स्वरोजगार की मजबूत आधारशिला तैयार हुई है। उन्होंने आगे बताया कि ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत इस अवधि में 6 हजार से अधिक मशीनों, उपकरणों एवं टूलकिट का वितरण किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों को प्रोत्साहन मिला है और आत्मनिर्भरता को नई गति मिली है। अध्यक्ष केवीआईसी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि हनी मिशन के तहत पिछले 8 वर्षों में लगभग 4,200 हनी बी-बॉक्स एवं बी-कॉलोनियों का वितरण राज्य कार्यालय, अंबाला के माध्यम से किया गया है, जिससे मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिला है और ग्रामीण युवाओं व किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हुई है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में करनाल की मेयर श्रीमती रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण भारत को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की योजनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने केवीआईसी अध्यक्ष एवं उनकी पूरी टीम को इस सराहनीय प्रयास के लिए बधाई दी तथा नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी में पहुंचकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प से जुड़ने की अपील की।
उद्घाटन कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, पीएमईजीपी यूनिट के लाभार्थी, खादी कार्यकर्ता समेत पंजाब व हरियाणा सरकार तथा केवीआईसी के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।  
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