शिक्षा की नींव पर स्वावलंबन का शिलान्यास, रायरंगपुर की धरती पर राष्ट्रपति के करकमलों से सशक्त भविष्य की शुरुआत
रायरंगपुर (मयूरभंज)। शिक्षा जब संवेदना से जुड़ती है और संकल्प जब विकास का रूप लेता है, तब इतिहास की नई इबारत लिखी जाती है। ऐसा ही एक प्रेरणादायी क्षण 4 फरवरी 2026 को रायरंगपुर महिला महाविद्यालय में साक्षात हुआ, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 360-सीटर बालिका छात्रावास का शिलान्यास कर जनजातीय अंचल की बेटियों के सपनों को ठोस आधार प्रदान किया।
लगभग ₹10.23 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाला यह छात्रावास केवल ईंट-सीमेंट की संरचना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और शिक्षा की निरंतरता का मजबूत संकल्प है। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन “नवरत्न” उपक्रम एनएचपीसी लिमिटेड की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पहल से साकार हो रही यह परियोजना, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड की सहायक इकाई हिंदुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड द्वारा मयूरभंज जिला प्रशासन के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है।
इस छात्रावास का उद्देश्य विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित, संरक्षित और सुलभ आवास उपलब्ध कराना है, ताकि दूरी, असुरक्षा या संसाधनों की कमी शिक्षा के मार्ग में बाधा न बने। इससे न केवल छात्राओं का नामांकन बढ़ेगा, बल्कि उनकी शैक्षणिक निरंतरता और आत्मविश्वास भी सुदृढ़ होगा।
आधुनिक आरसीसी और भूकंप-प्रतिरोधी ढांचे में निर्मित यह छात्रावास सुविधा और सुरक्षा का संतुलित संगम होगा—सुसज्जित कक्ष, 24×7 सीसीटीवी निगरानी, उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, अध्ययन कक्ष, आधुनिक भोजनालय और मनोरंजन सुविधाएँ इसे एक प्रेरक आवासीय परिसर का रूप देंगी।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भावना से अनुप्राणित यह परियोजना एनएचपीसी लिमिटेड, हिंदुस्तान स्टीलवर्क्स कंस्ट्रक्शन लिमिटेड तथा ओडिशा सरकार/जिला परिषद मयूरभंज के समन्वित प्रयासों का सशक्त उदाहरण है। यह पहल न केवल महिला शिक्षा को बल देगी, बल्कि जनजातीय सशक्तिकरण और समावेशी सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगी।
रायरंगपुर की इस धरती पर रखा गया यह शिलान्यास, आने वाले वर्षों में अनगिनत बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा—जहाँ शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान एक साथ आकार लेंगे।
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