लखनऊ-बेकेटी। इटौंजा थाना क्षेत्र का एनएच टोल प्लाज़ा मंगलवार को किसानों की प्रचंड आवाज़ से गूंज उठा, जब सैकड़ों किसानों ने NH विभाग पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नेता सुरेश बहादुर सिंह के नेतृत्व में सुबह से ही किसानों का सैलाब पहुंचना शुरू हो गया। महिलाओं की भारी उपस्थिति ने आंदोलन को और प्रभावशाली बना दिया।
भारतीय किसान संगठन अवध गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि इटौंजा से खैराबाद टोल प्लाज़ा के बीच चिकित्सा, पेयजल व विश्राम जैसी मूलभूत सुविधाएँ नदारद हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री द्वारा दो टोल बूथों के बीच 60 किमी की दूरी का मानक तय है लेकिन यहां मात्र 50 किमी ही है। “यदि मानक पूरे नहीं होते तो टोल बंद किया जाए,” उन्होंने दो टूक कहा।
धरने की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक योगेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। किसानों की भावनाओं को समझते हुए उन्होंने अधिकारियों से फोन पर वार्ता की और 15 दिसंबर को किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया।
इस बीच क्षेत्र की जनता की आवाज बुलंद करने वाले तिरंगा महाराज भी किसानों के बीच पहुंचे और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूँज उठा। उन्होंने चेताया कि “यदि कार्रवाई नहीं हुई तो अगला कदम तहसील बीकेटी का घेराव होगा।”
धरना स्थल पर एलआईयू, इंटेलिजेंस, भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात रहा, जो किसानों से संवाद स्थापित करने में जुटा रहा। किसानों की लड़ाई जारी है अब नज़रें 15 दिसंबर की बैठक और समाधान की दिशा पर टिक गई हैं।
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