लखीमपुर-खीरी। गुरु का स्थान सदा से सर्वोच्च माना गया है, क्योंकि वे ही शिष्य के जीवन की दिशा तय करते हैं। इसी परंपरा को आत्मसात करते हुए बी.पी.एस. पब्लिक स्कूल, मेला रोड में दिनांक 4 सितम्बर को शिक्षक दिवस बड़े ही उल्लास और भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा गुरुजनों के सम्मान में प्रस्तुत किए गए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई। सुरों की मिठास, नृत्य की लय, कविताओं की गूंज और नाटकों की गहराई ने समारोह को अविस्मरणीय बना दिया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और गुरु-शिष्य परंपरा को साकार किया। विद्यालय प्रशासन ने गुरुजनों को सम्मानित करते हुए उन्हें उपहार और शुभकामनाएँ भेंट कीं। प्रधानाचार्या नीलम अवस्थी ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन में कहा कि “शिक्षक समाज की रीढ़ हैं, वे केवल ज्ञान ही नहीं देते बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को भी संवारते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता हमारी संस्कृति की आत्मा है। संपूर्ण विद्यालय परिवार में इस अवसर पर उल्लास और प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला, मानो शिक्षा और संस्कार की ज्योति एक साथ प्रज्वलित हो उठी हो।
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