🔘 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास से बच्चों का भविष्य हो रहा है उज्ज्वल
लखीमपुर-खीरी जनपद के पीएम श्री विद्यालय शिक्षा की नई मिसाल बनकर उभर रहे हैं। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों तथा नई शिक्षा नीति के अनुरूप विकसित पी एम श्री विद्यालय आज केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और समग्र विकास के आदर्श केंद्र बन चुके हैं।
🔘 बेहतर सुविधाएँ और आधुनिक प्रयोगशालाएँ
पीएम श्री विद्यालयों को आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप पुस्तकालय, भाषा प्रयोगशाला, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (आई.सी.टी. लैब), डिजिटल टच बोर्ड तथा स्मार्ट पैनल जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
इन प्रयोगशालाओं से छात्र-छात्राएँ न केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित कर रहे हैं, बल्कि विज्ञान, भाषा और प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक आयामों को भी आत्मसात कर रहे हैं।
🔘 नवीन शिक्षण पद्धति : सीखने का नया अवसर
सहगामी एवं संयोजन कार्यक्रम (पेयरिंग और ट्विनिंग) के अंतर्गत विद्यार्थी नज़दीकी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर नई-नई शैक्षिक विधाओं का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
यह पहल बच्चों के ज्ञान को व्यापक बनाती है तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
🔘 खेल और सहशैक्षिक गतिविधियों में अग्रणी
जनपद के इन विद्यालयों में खेल और सहशैक्षिक गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने हेतु समय-समय पर खेल रैलियाँ आयोजित की जाती हैं। यही कारण है कि पीएम श्री विद्यालयों के बच्चे खेल, कला और सांस्कृतिक मंचों पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
🔘 करके सीखना : (लर्निंग बाय डूइंग)
भारत सरकार के निर्देशानुसार इन विद्यालयों में "करके सीखने की पद्धति" (एल.बी.डी.) लागू की गई है। इस नवाचार पद्धति के अंतर्गत विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करते हुए सीखते हैं। इससे उनमें सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता, तर्कशीलता और व्यावहारिक ज्ञान का अद्भुत विकास हो रहा है।
🔘 लखीमपुर में पीएम श्री विद्यालयों का विस्तार और उपलब्धियां
जनपद लखीमपुर-खीरी में कुल 31 पीएम श्री विद्यालय चयनित हैं, जिनमें 1 राजकीय इण्टर कॉलेज, 8 प्राथमिक विद्यालय तथा शेष संविलियन विद्यालय सम्मिलित हैं।
इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं–
राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा (एन.एम.एम.एस.) में 315 सीटों में से लगभग 30-40 प्रतिशत सीटों पर पीएम श्री विद्यालयों के छात्रों का चयन। नवोदय प्रवेश परीक्षा (कक्षा 6 एवं 9) में अनेक छात्र चयनित। सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में जनपद के पीएम श्री विद्यालयों के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।विद्या ज्ञान परीक्षा में प्रत्येक वर्ष 10-20 छात्र चयनित होते हैं।अटल आवासीय विद्यालय में भी इस वर्ष लगभग 10 छात्र प्रवेशित हुए। ये उपलब्धियां दर्शाती हैं कि पीएम श्री विद्यालय जनपद लखीमपुर-खीरी के शिक्षा जगत को नई दिशा और नई ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं।
🔘 डिजिटल क्रांति की ओर कदम
जनपद के 31 पीएम श्री विद्यालयों में स्थापित सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाएँ (आई.सी.टी. लैब्स) बच्चों में कम्प्यूटर की समझ विकसित कर रही हैं और उन्हें डिजिटल युग के लिए तैयार कर रही हैं।
🔘 योग और संतुलित जीवन : शिक्षा का आधार
पीएम श्री विद्यालयों में नियमित योगाभ्यास कराया जाता है। योग शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक उत्थान का आधार है। यही कारण है कि इन विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ न केवल पढ़ाई और कौशल विकास में, बल्कि खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी संतुलन और श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। विद्यालयों में योगाभ्यास का यह प्रयास अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य विद्यालयों तक प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।
🔘 नई पहचान, नया विश्वास
लखीमपुर-खीरी के पीएम श्री विद्यालयों ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और तकनीक का संगम होता है, तब बच्चे केवल ज्ञान ही नहीं पाते, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इन विद्यालयों ने जनपद की बेसिक शिक्षा को नई पहचान और नई ऊँचाई प्रदान की है।
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