🔘 सीएमओ महिला को इलाज के लिए खुद लेकर पहुंचे जिला महिला चिकित्सालय
लखीमपुर खीरी। इलाज से परेशान अपनी पत्नी पीताम्बरी को कलेक्ट्रेट लेकर पहुंचे गांव नकहा निवासी मिलन की शिकायत का सीएमओ ने फौरी संज्ञान लिया और स्वयं उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे, परंतु देर हो जाने के चलते महिला की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में उनके द्वारा शिकायत का संज्ञान लेते हुए जहां महिला के पोस्टमार्टम के लिए पैनल बना दिया गया है, वहीं इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए भी दो सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले में जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी मरीज की जान को बचाने के लिए गोल्डन आवर का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है, इस समय में उसका चिकित्सालय पहुंचना बेहद जरूरी है, परंतु कई बार लोग ऐसी गलती कर जाते हैं, जिससे उनके संबंधी की जान चली जाती है। शिकायत कभी भी की जा सकती है परंतु जब भी आपके सगे संबंधियों को इलाज की आवश्यकता हो तो उन्हें इधर-उधर ले जाने की बजाय सीधे चिकित्सालय ले जाएं और इस बात का भी ध्यान रखें कि वह चिकित्सालय पंजीकृत हो और जिस विशेषज्ञ चिकित्सक की मरीज को जरूरत हो वह भी वहां उपलब्ध हो। जिससे मरीज का फौरन उपचार शुरू हो सके।
इस मामले में उनके द्वारा पोस्टमार्टम के लिए भी तीन डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है वहीं पूरे मामले में जांच के लिए दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है जो इस पूरे मामले में जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बीते 20 दिनों में महिला का इलाज लखीमपुर सहित लखनऊ के कई चिकित्सालय में कराया गया है। महिला को हाई रिस्क प्रेगनेंसी थी, इन सभी पहलुओं पर भी जांच की जाएगी।
*दोषी मिलेंगे तो होगी कार्रवाई
कुछ निजी चिकित्सालय पर इलाज में लापरवाही का आरोप शिकायत करता द्वारा लगाया गया है, जिसे संज्ञान में लेते हुए जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
*विभाग के साथ खुद भी रहें सचेत
इन दिनों कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए हैं जिनसे यह प्रतीत होता है कि लोगों में जागरूकता की थोड़ी कमी है, ऐसे में जरूरी है कि स्वास्थ्य विभाग के साथ स्वयं भी सजग बने, अपने सगे संबंधियों को इलाज के लिए किसी भी अस्पताल में भर्ती कराने से पहले उसके बारे में और वहां के डॉक्टर के बारे में जानकारी अवश्य इकट्ठा करें, किसी के बहकावे में ना आए, ना ही किसी दलाल के चक्कर में पड़े।
*संभाल कर रखे इलाज का पर्चा, पक्के बिल जरूर लें
सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता ने इस तरह के प्रकरण का संज्ञान लेते हुए यह भी बताया कि किसी भी चिकित्सालय में इलाज कराते समय वहां किए जाने वाले भुगतान की पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करें और जो पर्चा वहां बनाया गया है, जिस पर उनका उपचार किया जा रहा है उसे भी संभाल कर रखें। यह सब ऐसी परिस्थितियों में और जांच में बेहद महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
*गंभीर होने पर पहला घंटा बेहद महत्वपूर्ण
सीएमएस जिला महिला चिकित्सालय डॉ अमित कुमार गुप्ता ने इस मामले पर बताया कि किसी भी सीरियस मरीज के लिए पहला घंटा गोल्डन आवर होता है। प्रेग्नेंट होने पर तुरंत डॉक्टर के फॉलोअप में आना और इन्वेस्टिगेशन करना बेहद जरूरी है। कोई समस्या होने पर तुरंत चिकित्सालय पहुंचना चाहिए, इससे मरीज काफी हद तक सुरक्षित हो जाता है।
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