सोलन/शिमला/चंडीगढ़, 24 सितंबर 2025। हिमाचल प्रदेश के सोलन में आज एक अद्वितीय “वार्तालाप” मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया, जो आपदा प्रबंधन, पोषण अभियान, बागवानी और महिला सशक्तिकरण जैसे जीवनदायिनी विषयों पर केंद्रित थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार और चौथे स्तंभ मीडिया के बीच सार्थक संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने किया। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि समाज और मीडिया की जिम्मेदारी भी है। उपायुक्त ने मीडिया की संतुलित और परिपक्व भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जनता को आश्वस्त करना और आपदा के समय सक्रियता दिखाना मीडिया की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सोशल मीडिया के युग में मीडिया की भूमिका बदलने और जिम्मेदार बनने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सोलन के एडीसी राहुल जैन ने बताया कि हिमाचल में आपदा प्रबंधन अधिनियम के लागू होने के बाद जानमाल के नुकसान में कमी आई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित समुदाय और मीडिया दोनों की सक्रिय भागीदारी आपदा प्रतिक्रिया और जागरूकता में महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों और 2000 युवा स्वयंसेवकों एवं 200 आपदा मित्रों के प्रशिक्षण की जानकारी दी। साथ ही, 520 राजमिस्त्रियों को भूकंप-सुरक्षित निर्माण में प्रशिक्षित किया गया है। सोलन बागवानी विभाग की उप निदेशक डॉ. शिफाली ठाकुर ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत जिले में विभिन्न फलों और सब्जियों की किस्मों को अपनाया जा रहा है। पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस से संरक्षित खेती, जैविक खेती और मशीनीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बागवानी बेहतर पोषण, वैकल्पिक रोजगार और किसान की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। शूलिनी यूनिवर्सिटी की डॉ. निशा कपूर ने “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान की जानकारी दी। यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ऐतिहासिक पहल है, जो महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने मीडिया की भागीदारी से अभियान की सफलता पर जोर दिया। सोलन के महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी पदम देव शर्मा ने पोषण अभियान की भूमिका उजागर करते हुए कहा कि यह मिशन छह साल से कम उम्र के बच्चों, किशोरियों और माताओं को लक्षित करके कुपोषण, बौनेपन, एनीमिया और कम जन्म वजन जैसी समस्याओं का समाधान करता है। कार्यशाला का संचालन पीआईबी चंडीगढ़ के अहमद खान ने किया और कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। सोलन जिला की सहायक कमिश्नर नीरजा शर्मा, पत्रकार और शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। इस कार्यशाला ने स्पष्ट कर दिया कि मीडिया, प्रशासन और समाज की साझेदारी से ही आपदा, पोषण, बागवानी और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वास्तविक परिवर्तन संभव है।
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