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रविवार, 14 सितंबर 2025

सगे खून ने बिसराया तो गैरों ने बचाया, बेटे-बहू से परेशान हो पुल के नीचे वृद्धा ने गंगा में लगाई छलांग

सगे खून ने बिसराया तो गैरों ने बचाया, बेटे-बहू से परेशान हो पुल के नीचे वृद्धा ने गंगा में लगाई छलांग, अंजानों ने बचाई जान

सैदपुर जब अपने खून के सगे ही पराए हो जाते हैं तो हर किसी का मन व्यथित हो जाता है। ऐसी ही एक तस्वीर नगर के रामघाट पर देखने को मिली, जब स्थानीय गोताखोरों द्वारा आत्महत्या की नीयत से कूदी वृद्धा को बचाने के बाद उक्त वृद्धा की आंखों से तेज आंसू बह निकले। मौके पर पहुंची पुलिस वृद्धा के परिजनों को फोन करने का प्रयास शुरू कर दिया। शनिवार की शाम 7 बजे नगर स्थित पुल के नीचे से एक वृद्धा गंगा में कूद गई। लेकिन साड़ी पहने होने के चलते उसमें हवा भर गई और उसी के चलते कुछ देर तक वृद्धा पानी की तेज धार में ऊपर ही बहती रही। इस बीच वहां से कुछ ही कदम दूर रामघाट पर मौजूद स्थानीय मछुआरे राज निषाद, आकाश, सौरभ राज, सावन, अनुज, सोनू आदि ने वृद्धा को बहते देखा तो कूदकर उसकी जान बचा ली और उसे सकुशल बाहर निकाल लिया। वृद्धा को कूदने व बचाने की बात सुनकर घाट पर भारी संख्या में लोग जुट गए और बहुत सी वृद्ध महिलाएं भी आकर वृद्धा का हाल पूछने लगीं और खाना आदि देने की बात करने लगीं। वृद्धा ने अपना नाम 70 वर्षीय रजौता देवी पत्नी मूलचंद निवासिनी मंगारी पट्टी बताया। वहां मौजूद मुहल्ले के अंजान लोगों द्वारा इस तरह की मदद करते व पंखा आदि झलते देख रजौता की आंखों से आंसू बह निकले और रोते हुए बताने लगी कि उसके अपने खून सगे बेटे व बहू द्वारा आए दिन विवाद किए जाने के चलते उसने ये कदम उनके इसी उपेक्षा से उठाया और यहां अंजान द्वारा लोगों न सिर्फ पंखा किया जा रहा है, बल्कि अंजान लोगों ने जान तक बचाई। बहरहाल, घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई तो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

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