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शनिवार, 20 सितंबर 2025

संगम नगरी : बंधवा स्थित लेटे हनुमान जी के 11 दिन जलशयन के बाद खुला कपाट


प्रयागराज संगम से 800 मीटर दूर बंधवा स्थित लेटे हनुमान जी के 11 दिन जलशयन के बाद भक्तों के लिए पट खुलें। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हनुमान जी जलशयन को चले गए थे। 12 वें दिन उनका भव्य शृंगार किया गया। इसमें 5 प्रकार के ढाई क्विंटल फलों से शृंगार किया। ये आस्था का संगम ही है जहां नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों में खुशी होती है। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने बताया कि मां गंगा के वापस जाने के बाद पंचार्मत से हनुमान जी का अभिषेक किया गया। उनकी आरती की गई। 
प्रयागराज शहर के संगम तट स्थित श्री बड़े हनुमान जी मंदिर में विश्राम मुद्रा में प्रभु विराजमान हैं। मां गंगा हर साल लेटे हनुमान जी के पांव पखारने आती हैं। इस बार भी लगातार जलस्तर बढ़ा और हनुमान जी ने जलशयन किया। मंदिर में मां गंगा के वापस लौटने के बाद घंटा-घड़ियाल और शंखनाद की ध्वनि के बीच जयकारों की गूंज से पूरा प्रयागराज प्रफुल्लित हो उठा। बाघंबरी मठ के महंत बलबीर गिरि जी महाराज ने बताया कि मान्यता है कि मां गंगा द्वारा हनुमान जी को स्नान कराने के बाद प्रयागराज में खुशियां आती है। लेटे हनुमान मंदिर में जैसे ही गंगा का पानी वापस लौटा तो प्रभु हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। 11 दिन जलशायन के बाद मंगलवार 12 बजे आरती के पश्चात् दर्शन के लिये मंदिर के कपाट भक्तों के लिये खुला। इस दौरान उनका  अभिषेक करके शृंगार किया गया। इसमें ढाई क्विंटल केला, सेब, नाशपाती, अमरूद, पपीता से शृंगार हुआ। वहीं मिष्ठान भी अर्पित किया गया। पट खुलते ही भक्तों की भीड़ लग गई।

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