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रविवार, 24 अगस्त 2025

Lmp. पुरानी पेंशन के संकल्प संग अटेवा ने भरी हुंकार, निजीकऱण और नई पेंशन व्यवस्था भारत छोड़ो

लखीमपुर। 24 अगस्त 2025, रविवार। गुरुनानक इंटर कॉलेज, लखीमपुर आज शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज़ से गूंज उठा। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के बैनर तले आयोजित संवाद कार्यक्रम “NPS/UPS/निजीकरण भारत छोड़ो” ने एकजुटता और संघर्ष का बिगुल बजाया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वतंत्रता संग्राम के शहीद डॉ. रामाशीष  के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष NMOPS व प्रदेश अध्यक्ष अटेवा विजय कुमार बंधु ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मंच संचालन जिला महामंत्री मनोज वर्मा ने किया।

पुरानी पेंशन ही भविष्य की सुरक्षा

प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने स्पष्ट कहा NPS और UPS बाजार आधारित योजनाएँ हैं, जो शिक्षकों-कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित करती हैं। बुढ़ापा केवल OPS (पुरानी पेंशन) से ही सुरक्षित है।
उन्होंने चेतावनी दी कि 25 नवम्बर 2025 को दिल्ली में शिक्षक और कर्मचारी अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे।

निजीकरण के खिलाफ संघर्ष

विशिष्ट अतिथि प्रदेश महामंत्री नीराजपति त्रिपाठी ने कहा सरकार हर क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। अटेवा इस नीति का पुरजोर विरोध करता है और OPS बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदेश संगठन मंत्री संदीप वर्मा ने कहा कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का हिस्सा निजी हाथों में देकर सरकार पूंजीवादी व्यवस्था को मजबूत कर रही है। यह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

आंदोलन की मजबूती

मंडल अध्यक्ष डॉ. आशीष वर्मा ने पुरानी पेंशन को कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार बताया और कहा कि OPS बहाली तक संघर्ष थमेगा नहीं। जिला संयोजक विश्वनाथ मौर्य ने संगठन की मजबूती को आंदोलन की शक्ति बताया और आभार व्यक्त किया।

सोशल मीडिया का हथियार

जिला मीडिया प्रभारी रामानुज वर्मा ने कहा हमारी सबसे बड़ी ताकत सोशल मीडिया है। इसके माध्यम से ही सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाएँगे।

व्यापक सहभागिता

कार्यक्रम में प्रदेश सह कैडर प्रभारी प्रदीप यादव, हरदोई से जैनुल खान, बरेली से जगदीश गंगवार, पीलीभीत से धर्मेंद्र गंगवार, सीतापुर से अवनीश कुमार, बहराइच से संदीप वर्मा सहित प्रदेशभर से आए अटेवा पदाधिकारियों, शिक्षकों व कर्मचारियों की सशक्त उपस्थिति रही।

सभा में यह संकल्प लिया गया कि “निजीकरण व NPS/UPS के खिलाफ लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगी और OPS की बहाली तक संघर्ष रुकने वाला नहीं है।”

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