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रविवार, 24 अगस्त 2025

Lmp. आत्मबल, अनुशासन और संस्कृति के सुरभित उत्सव में खिला आदर्श योग साधना केंद्र का स्थापना दिवस

🔘 आदर्श योग साधना केंद्र का स्थापना दिवस बना भक्ति, साधना और संस्कारों का संगम

लखीमपुर। श्री चित्रगुप्त कायस्थ धर्मशाला, चित्रगुप्तपुरम गढ़ी रोड स्थित आदर्श योग साधना केंद्र का द्वितीय स्थापना दिवस रविवार को अद्वितीय उल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह अवसर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बन गया।
सुबह के निर्मल वातावरण में जब साधकों ने सामूहिक आसनों, प्राणायाम और ध्यान की साधना की, तो पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से प्रकाशवान हो उठा। भारतीय योग संस्थान के संस्थापक के चित्र पर पुष्प अर्पण और ईश स्मरण से आरंभ इस उत्सव में योग साधना ने सभी को एक अद्भुत आत्मानुभूति से भर दिया। संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने योग की सार्वभौमिक उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मबल, अनुशासन और जीवन की उच्चतम साधना का सेतु है। उनके प्रेरक संदेश ने वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया। कार्यक्रम की सफल व्यवस्था में संयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्षेत्रीय प्रधान शशिकांत श्रीवास्तव, केंद्र प्रमुख राजेश श्रीवास्तव एड., सह प्रमुख प्रदीप सक्सेना और मुकेश ने अपने समर्पण और सक्रियता से आयोजन को सुव्यवस्थित बनाया। संस्थान के संरक्षक सेवक सिंह अजमानी, प्रांतीय प्रधान नरेश चंद्र वर्मा, जिला प्रधान रमेश कुमार वर्मा एड., डॉ. सुशीला सिंह, उमा शंकर त्रिवेदी, राम बहादुर मित्रा, प्रेम पाल वर्मा तथा डॉ. उर्मिला सिंह जैसी विभूतियों की उपस्थिति ने समारोह को और भी प्रेरणादायी बना दिया। 

इस बीच बाल प्रतिभाओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और थिरकते कदमों से साधकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 

विजय लक्ष्मी अग्रवाल के स्वागत गीत ने उत्सव में मधुरता घोल दी। योग साधना के प्रति समर्पण भाव को देखते हुए रेखा दीक्षित और सुरेश कनौजिया को सम्मानित किया गया। कुलमिलाकर यह स्थापना दिवस केवल स्मरण का क्षण नहीं, बल्कि योग की उस जीवनदायी धारा का उद्घोष था, जो समाज में शांति, स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश देती है।

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