गोमती की बाढ़ से चौतरफा घिरे तेतारपुर का सीएम योगी ने किया हवाई दौरा, उतरने की उम्मीद में गोरखा में की गई सभी तैयारियां फीकी
सिधौना गोमती की बाढ़ में चारो तरफ से घिर चुके तेतारपुर सहित आसपास के अन्य बाढ़ग्रस्त गांवों का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान गोरखा इंटर कॉलेज पर उतरने की बजाय हेलीकॉप्टर उड़ते हुए आगे रवाना हो गया। शनिवार की सुबह 9ः45 बजे मुख्यमंत्री राजकीय हेलीकॉप्टर से तेतारपुर गांव के ऊपर से उड़ते हुए बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा जायजा लिया। मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण का ये दौरा अचानक तय हुआ। शुक्रवार की देररात में उनका प्रोटोकॉल आया। जिसके अनुसार उन्हें सुबह 9ः15 पर वाराणसी के सर्किट हाउस से सड़क मार्ग से 9ः20 तक पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर पहुंचे। वहां से 9ः25 पर हेलीकॉप्टर से उड़े और गोमती नदी की बाढ़ में चौतरफा घिरे तेतारपुर गांव का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का उड़नखटोला कुछ देर तक तेतारपुर सहित आसपास के बाढ़ग्रस्त गांवों के ऊपर मंडराता रहा, इसके बाद जिला मुख्यालय की तरफ रवाना हो गया। मुख्यमंत्री को सुबह 9ः25 के बाद से 11ः05 तक ग़ाज़ीपुर जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा करना था। जिसके लिए वो सुबह वाराणसी से रवाना हुए। इधर मुख्यमंत्री का ये दौरा इतने फौरी तौर पर हुआ कि पार्टी के लोगों को भी इसकी सूचना नहीं हो सकी। जिसके कारण मौके पर प्रशासन व पुलिस सहित गांव के ही लोग थे। इधर मुख्यमंत्री म हेलीकॉप्टर आने के पूर्व प्रशासनिक हलके में सुगबुगाहट थी कि कहीं न कहीं मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतर भी सकता है। इसी वजह से गोरखा इंटर कॉलेज के बाहर का मैदान चयनित किया गया था। जिसमें मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरने के लिए जमीन पर हेलीपैड भी बनाया गया था। हालांकि जमीन हेलीपैड की पूर्णतया गुणवत्ता का नहीं था लेकिन फौरी तौर पर प्रोटोकॉल आने से ये उपक्रम करना पड़ा। इसके अलावा वहां मुख्यमंत्री के लिए फ्लीट भी तैयार खड़ी थी कि मुख्यमंत्री आएंगे। यहां तक कि बाढ़ पीड़ितों में वितरण के लिये बाढ़ राहत सामग्री के पैकेट भी मंगवा लिए गए थे। नीचे सुरक्षा के भारी फोर्स तैनात थी। सीएम के दौरे के वक़्त एडीएम दिनेश कुमार व एसपी सिटी ज्ञानेंद्र कुमार सहित एसडीएम पुष्पेंद्र पटेल, तहसीलदार हिमांशु सिंह, सैदपुर सीओ अनिल कुमार व भुड़कुड़ा सीओ सुधाकर पांडेय के साथ 1 कम्पनी पीएसी जवान व कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गयी थी। यहां तक कि सड़क किनारे गांव के लोग मुख्यमंत्री को देखने के लिए जुट गए थे। इसके बाद इंटर कॉलेज के अंदर मुख्यमंत्री के बैठने व राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम का भी इंतजाम किया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री अपने पूर्व निर्धारित दौरे के अनुसार, बिना जमीन पर उतरे हेलीकॉप्टर से ही हवाई सर्वेक्षण कर चले गए। उनका हेलीकॉप्टर जाने के करीब 1 घण्टे बाद तक अधिकारियों को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री आ सकते हैं, जिसके चलते वो जमे रहे। काफी देर बाद ये स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री नहीं आएंगे, तब उन्होंने चैन की सांस ली। वहीं मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर गुजरने के कुछ देर बाद जिलाधिकारी अविनाश कुमार व पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज रजा की गाड़ी आयी। लेकिन यहां आने के बाद उन्होंने भी गाड़ी में से ही कार्यक्रम स्थल को देखा और जिम्मेदारों से बात कर व दिशा निर्देश दे रवाना हो गए। इधर मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासनिक व पुलिस महकमे में हड़कम्प की स्थित बनी रही। जब पूर्ण रूप से स्पष्ट हो गया कि सीएम नहीं आएंगे, तब जाकर उन्होंने चैन की सांस ली और अपने कार्यस्थल को रवाना हो गए। इधर हवाई दौरे के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि मुख्यमंत्री ने ग़ाज़ीपुर के बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया और बाढ़ प्रभावितों के हर सम्भव सहयोग का निर्देश दिया।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Post Comments