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बुधवार, 13 अगस्त 2025

घाघरा में मौत के मुंह से निकाले 21 लोग, मऊ पुलिस का साहसिक रेस्क्यू,

घाघरा में मौत के मुंह से निकाले 21 लोग, मऊ पुलिस का साहसिक रेस्क्यू, नाव का इंजन फेल होने से तेज बहाव में फंसे थे महिला, पुरुष और बच्चे

मऊ जिले में पुलिस 34वीं वाहिनी पीएसी की फ्लड कंपनी और एसडीआरएफ टीम ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घाघरा नदी के तेज बहाव में फंसे 21 बाढ़ पीड़ितों (महिला, पुरुष और बच्चों) को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के मार्गदर्शन में बीती रात यह अभियान चलाया
11/12 अगस्त की रात डायल-112 पर दो मोबाइल नंबरों से सूचना मिली कि ग्राम रसूलपुर मोर्चा थाना दोहरीघाट क्षेत्र के 21 लोग नाव से गोरखपुर स्थित अपने पाही/डेरा से मऊ लौट रहे थे। घाघरा नदी का पानी बढ़ने और तेज बहाव के बीच नाव का इंजन खराब हो गया, जिससे नाव बहते-बहते रास्ता भटककर देवरिया जिले की तरफ करीब 4 किलोमीटर दूर चली गई और एक ऊंचे टीले पर फंस गई। तेज धार और संपर्क टूटने के कारण सभी लोग वहीं फंसे रह गए।सूचना पर पुलिस अधीक्षक मऊ ने तत्काल क्षेत्राधिकारी घोसी, क्षेत्राधिकारी मधुबन, प्रभारी निरीक्षक दोहरीघाट और प्रभारी निरीक्षक मधुबन को टीमें बनाकर मौके पर रवाना किया।घोसी क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल, 34वीं वाहिनी पीएसी की फ्लड कंपनी और स्थानीय गोताखोर गौरीशंकर घाट, दोहरीघाट से नदी में उतरे। दूसरी ओर मधुबन पुलिस टीम ने भी स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया।इसी बीच एसपी मऊ ने गोरखपुर पुलिस से संपर्क कर वहां तैनात एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। सभी टीमों ने मिलकर तेज बहाव के बीच फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके परिजनों को सौंपा।इस सफल अभियान से दोहरीघाट व मधुबन क्षेत्र के किनारे बसे लोगों में सुरक्षा की भावना और पुलिस पर भरोसा और मजबूत हुआ। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मऊ पुलिस की प्रशंसा की।

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