लखीमपुर खीरी, 16 जुलाई 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधव सदाशिव राव गोलवलकर "गुरुजी" की पुण्य स्मृति में संचालित विद्या भारती माधव चिल्ड्रेन्स एकैडमी में आज एक विशेष प्रेरणास्पद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह अवसर था युवा विकास कार्यक्रम का, जहां युवाओं को उनके भविष्य की दिशा दिखाने और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने हेतु जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों ने अपनी सारगर्भित बातों से नई ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय परंपरा के अनुरूप दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। मंगलाचरण के इस दृश्य ने मानो विद्यालय परिसर को एक दिव्य आभा से प्रकाशवान कर दिया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य अविनाश पटेल ने युवाओं को कौशल विकास की आवश्यकता और महत्व पर गहन प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार देश के किसान, मजदूर, श्रमिक और आम जनमानस की चिंता करती है। युवाओं को केवल डिग्रियाँ नहीं, दिशा चाहिए। और यह दिशा कौशल के माध्यम से ही संभव है। इसी क्रम में उन्होंने मतदाता सूची में पंजीकरण तथा मतदान की महत्ता पर भी विचार व्यक्त करते हुए लोकतंत्र में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया। विद्यालय के संस्कारयुक्त वातावरण और छात्रों की मर्यादित प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर श्री पटेल ने विद्यार्थियों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता कर रहीं भारत विकास परिषद, लखीमपुर शाखा की यशस्वी अध्यक्ष एवं विद्यालय की सहप्रबंधक रुचि ऋतुराज बाजपेई ने अपने स्वागत भाषण में गुरुजी के राष्ट्रनिर्माण संकल्प को स्मरण करते हुए विद्यालय के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन समाजसेवी ऋतुराज बाजपेई ने अत्यंत भावपूर्ण एवं ओजस्वी अंदाज़ में किया, जो श्रोताओं को आरंभ से अंत तक भाव-विभोर करता रहा।बइस अवसर पर हरि प्रकाश त्रिपाठी, प्रबोध शुक्ला, रेखा शुक्ला, मधुलिका त्रिपाठी एवं राघव हिन्दू जैसे वक्ताओं ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने युवाओं को संस्कार, समर्पण और स्वावलंबन की त्रयी से जुड़ने का आह्वान किया। साक्षी बने उन तमाम चेहरों में लक्ष्य अग्रवाल, गोलू वर्मा, प्राचार्या साधना अवस्थी, विकास वाजपेई, शिव कुमार मिश्रा, वर्षिका पाराशर सहित अनेक पत्रकार, अभिभावक व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कुलमिलाकर यह आयोजन केवल एक औपचारिक सभा नहीं था, यह युवाओं के भविष्य को संवारने का संकल्प, संस्कार और सेवा का संगम और राष्ट्र निर्माण की नींव में एक प्रेरणास्रोत प्रस्तुति बनकर सबके हृदय में अंकित हो गया।
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