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गुरुवार, 17 जुलाई 2025

ED ने छांगुर बाबा के 14 ठिकानों पर दबिश दी, छापेमारी जारी

 यूपी छांगुर बाबा धर्मांतरण केस में ईडी ने एक्शन लिया है। ईडी इस केस में छापेमारी कर रही है.उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में 12 और मुंबई में 2 ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई चल रही है। 14 ठिकानों पर एक्शन लिया जा रहा है। आज सुबह 5 बजे से छापेमारी शुरू हुई है। धार्मिक परिवर्तन और हवाला लेनदेन से यह मामला जुड़ा हुआ है। छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के बारे में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि छांगुर बाबा ने आलीशान कोठी बना रखी थी, जिसमें धर्मांतरण और गजवा-ए-हिंद का बड़ा खेल चल रहा था। छांगुर फिलहाल आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस के रडार पर भी है, जिसके तार इस्लामिक देशों से भी जुड़े हैं।छांगुर धर्म परिवर्तन कराने के लिए पहले कलमा पढ़वाता था और फिर प्रतिबंधित पशु का मांस खिलाता था। इससे वह संतुष्ट होना चाहता था कि हिंदू धर्म से मोहभंग हुआ या नहीं। इसकी पूरी वीडियो बनाता था। उसे इस्लामिक देशों की उन संस्थाओं को भेजता था, जो धर्मांतरण के लिए फंड देती थीं। जांच में जुटी एटीएस को ऐसे देशों से फंड मिलने के सुराग भी मिले हैं। एक खबर के अनुसार, छांगुर नेपाल सीमा से सटे 46 गांवों में युवाओं को धर्मांतरण के जाल में फंसा रहा था। जलसों के जरिए वह युवाओं की थाह लेता और जिहाद की ओर झुकाव रखने वालों को आर्थिक मदद देने की योजना बनाता था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग की तैयारी थी। सर्वे के अनुसार, ऐसे बाबाओं के यहां सबसे ज्यादा 40 से 50 साल के बीच की महिलाएं और पुरुष जाते हैं। सबसे कम संख्या 20 से 30 साल वालों की होती है। सर्वे में यह निकलकर आया कि 20 से 30 साल वाले अपनी सामाजिक जिंदगी से संतुष्ट होते हैं और वह हर तरह से खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। वहीं, 40-50 के बीच वालों में ज्यादातर सामाजिक असुरक्षा और अंसतोष का भाव होता है।

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