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मंगलवार, 12 मार्च 2024

जूनियर शिक्षक संघ ने धरना प्रदर्शन कर परिषदीय स्कूलों में डिजिटिलाइजेशन के विरोध में बीएसए को सौंपा ज्ञापन

लखीमपुर ( विज्ञप्ति)। परिषदीय स्कूलों में डिजिटलाइजेशन के विरोध को लेकर जनपद के उत्तर प्रदेशीय जूनियर शिक्षक संघ, लखीमपुर खीरी के अध्यक्ष विनोद मिश्रा की अगुवाई में धरना प्रदर्शन करते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार तिवारी को ज्ञापन सौंपा। जिलाअध्यक्ष विनोद मिश्रा ने कहा कि सरकार द्वारा हमसे प्रतिदिन अपने मोबाइल से अनेकों कार्य कराए जाते हैं। जिनमें बच्चों का ऑनलाइन डाटा फीडिंग, एमडीएम फीडिंग, डीबीटी फीडिंग जैसे कार्य सम्मिलित हैं। हमें इस प्रकार के समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए और हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए। जिला महामंत्री संतोष भार्गव ने कहा कि इसके लिए हमें विद्यालय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध प्रबल करना होगा। अन्यथा सरकार इस प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्य को हमारे ऊपर थोपती रहेगी। उन्होंने आगे बताया कि बिना समस्याओं का समाधान किये बिना सिम व संसाधन दिए जूनियर शिक्षक संघ ऐसे मनमानी आदेशों और डिजिटलाइजेशन का प्रबल विरोध करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष  ने कहा कि यह कार्य शिक्षक हित में नहीं है। बिना सिमए संसाधन व इंटरनेट उपलब्ध कराए किसी भी कीमत पर डिजिटलाइजेशन का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटलाइजेशन समेत समस्त शिक्षक विरोधी कृत्यों का विरोध किया जाएगा और सरकार द्वारा मनमानी लगाए गए कार्यों में शिक्षक नहीं जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश संगठन के आह्वान पर जनपद के शिक्षकों ने  एक से पांच मार्च तक काली पट्टी बांधकर सरकार के इस आदेश का विरोध किया। समस्या का समाधान न होने पर आज 11 मार्च को एक दिवसीय धरना देकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा । यदि इतने में भी महानिदेशक एवं सरकार ने उक्त आदेश को वापस नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा, जिला महामंत्री संतोष भार्गव, मंडल अध्यक्ष राम प्रकाश त्रिवेदी, राजीव दुबे, उमाशंकर कनौजिया, सुषमा गुप्ता, सुधा मिश्रा, ब्रजकिशोर, अबरार अहमद, दिलीप वर्मा, मनोज कुमार, चंद्र प्रकाश वर्मा, दाऊदयार, उमाशंकर त्रिवेदी, चंद्रशेखर वर्मा, जमाल अहमद, पल्लवी मिश्रा, हरबंस लाल, आदित्य गुप्ता, संतोष मिश्रा, मंत्री लाल, मनोज वर्मा, अवधेश रस्तोगी, राजेश यादव, दुर्गेश श्रीवास्तव, युवराज शर्मा, उमेश चौरसिया, ओमप्रकाश, विनोद कुमार, मुन्नालाल, ललित कुमार, संदीप सिंह, वीरेंद्र शुक्ला, शिवपाल सिंह, संजय गौतम, योगेंद्र शर्मा, नरेंद्र वर्मा, अनूप शुक्ला, विनीत शुक्ला, राजीव विमल, शिव प्रकाश बाजपेई, सियाराम दिनकर, अटेवा अध्यक्ष विश्वनाथ मौर्य, एसपी कनौजिया समेत तमाम शिक्षक साथी मौजूद रहे।

*प्रमुख मांगे-*
01- प्रदेश के सभी विद्यालयों को टेबलेट / मोबाइल, विभागीय आईडी से सिम  उपलब्ध कराया जाय। जब तक संसाधन उपलब्ध नहीं होते है तबतक उक्त आदेश पर रोक लगाई जाय।
02- प्रदेश के बेसिक शिक्षको का भविष्य निधि खाता ऑनलाइन किया जाय।
03- बेसिक शिक्षको की प्रधान अध्यापक जू.हा० एवं सहायक अध्यापक , प्रधानाध्यापक प्रा०वि० पदोन्नतियां वर्षों से नहीं हुई। अविलम्ब की जाय।
04- पुरानी पेशन बहाल की जाय।
05-17140-18150 वेतनमान की विसंगति दूर की जाय।
06- अन्तर्जपदीय पारस्परिक स्थानान्तरण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी लम्बित है। कार्य मुक्ति की प्रक्रिया अविलम्ब की जाय।
07- कैश लेस चिकित्सा सुविधा का लाभ अथवा आयुष्मान कार्ड की सुविधा बेसिक शिक्षको को भी दी जाय।
08- शासनादेश के विरूद्ध जाकर मध्यान्ह भोजन शिक्षको के माध्यम से बनवाया जा रहा है उससे शिक्षको को मुक्त किया जाय।
09- शिक्षण कार्य के अतिरिक्त गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त किया जाय।
10- योग्यताधारी शिक्षामित्रो को शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाय।
11- शिक्षामित्रो, अनुदेशको के मानदेय में सम्मान जनक वृद्धि की जाय।
12- अवकाश के दिनों में कार्य के बदले प्रतिकर अवकाश दिया जाय।
13- जनपद के अन्दर वर्ष 2013 से बेसिक शिक्षको के स्थानान्तरण नही हुये है जो किये जाय।
14- छात्र शिक्षक अनुपात में शिक्षको की नियुक्ति की जाय।
15- वर्षों से बेसिक शिक्षको की प्रोन्नति वेतनमान नहीं दिया गया है। शतप्रतिशत प्रोन्नति वेतनमान
दिया जाय।
16- बेसिक शिक्षको को भी ई०एल० की सुविधा दी जाय।
17- अर्द्धअवकाश की सुविधा दी जाय।
18- संवैधानिक संस्था बेसिक शिक्षा परिषद उ०प्र० की बैठक वर्ष अक्टूबर 2018 से नहीं हुई है। अविलम्ब बैठक बुलाई जाय तथा अब तक परिषद के बिना अनुमोदन के जारी किये सभी आदेशो निर्देशो को निरस्त किया जाय तथा विभागीय उच्चाधिकारियों का अतिक्रमण समाप्त किया जाय।

              विभागीय अधिकारियों द्वारा उपरोक्त समस्याओं का समाधान न कर प्रदेश के बेसिक शिक्षको को अपमानित, प्रताडित करने सम्बन्धी निर्णयों, आदेशों को बिना किसी अड़चन के तत्काल जारी कर लागू करने के आदेश किये जा रहे है। बेसिक शिक्षको की संवैधानिक संस्था बेसिक शिक्षा परिषद को शून्य करते हुए किसी भी निर्णय में परिषद को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है और न ही विचारार्थ प्रस्तुत किया जा रहा है। बेसिक शिक्षको के सम्बन्ध में निर्णय लेने का अधिकार परिषद को है परन्तु ऐसा न करके एक संवैधानिक संस्था को मृत प्राय कर दिया गया है। परिषद के सदस्यों और परिषद के प्राप्त अधिकारों का अतिक्रमण कर लिया गया है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश, प्रदेश के लाखों बेसिक शिक्षकों की आवाज है, संगठन मांग करता है कि उपरोक्त सभी न्याय संगत मांगों को सर्वप्रथम प्रत्येक दशा में निस्तारित किया जाए।

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