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सोमवार, 26 जून 2023

प्रयागराज / जिम्मेदारों के संरक्षण में फल फूल रहा अवैध खनन का कारोबार, शासन की मंशा पर फेरा जा रहा पानी

प्रयागराज : जनपद में लालापुर थाना क्षेत्र के नौड़िया घाट पर शासन की सख्ती और रोक के बावजूद भी यमुना नदी के बीचों बीच पानी में नाव लगाकर अवैध रूप से बालू की अवैध निकासी व परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है, नौड़िया घाट का महज कुछ ही घन मीटर का पट्टा लेकर लगभग 2 किलोमीटर तक अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है, यही अवैध खनन के चलते 29 मई 2022 को नौढ़िया घाट पर पूर्व प्रधान कल्लू द्विवेदी की नतिनी श्रेया, जागृति यमुना में स्नान करने गयी थी अवैध खनन के चलते यमुना नदी को इतना गहरा कर दिये है कि जैसे ही स्नान करने के लिए यमुना में घुसती है गहरा पानी होने के कारण डूब गई, एक महीने के अन्दर तीन घटनाएं घट चुकी है यह सब अवैध खनन की देन है जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार व सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सख्त आदेश दे रहे हैं कि अवैध खनन, परिवहन नहीं होना चाहिए लेकिन सरकार के आदेश को मातहत अधिकारी नजर अंदाज करते दिखाई दे रहे हैं ।अवैध खनन व परिवहन बेधड़क जारी हैं, अवैध कारोबार रोकने के लिए शासन स्तर पर जिले से लेकर तहसील, थाना पर डटे अफसरों का ध्यान इन घाटों पर अवैध खनन रोकने के बजाय नजरअंदाज कर रहे हैं, खनन माफियाओं का हौसला बुलंद होकर दिन दुगुना चार चौगुना होता चला आ रहा है लेकिन खनन माफिया पर कोई कार्यवाही नहीं होने से अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग रहा है
●  L N Singh 

● कमिश्नर वीवी पंत ने किया करछना तहसील का औचक निरीक्षण 

प्रयागराज । करछना तहसील का  कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने औचक निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने तहसीलदार कोर्ट पहुंचकर धारा 34 से सम्बधित पत्रावलियों को चेक किया। निरीक्षण के दौरान बिजली पानी की अव्यवस्था समेत कई बिंदुओं पर नाराजगी जताई और फाइलों को समय से दर्ज करने और रखरखाव के लिए हिदायत दी। इस दौरान मातहतों की सांसे अटकी रहीं।निरीक्षण के बाद अधिवक्ता वेल फेयर एसोशिएशन के पदाधिकारियों ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता को लेकर नौ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। जिसमें बताया गया कि तहसीलदार न्यायालय में धारा 34 की पत्रावलियों का दायरा रजिस्टर में समय से दर्ज नहीं किया जाता। लेखपाल हस्तांतरण रिपोर्ट भेजने के बाद पत्रावालियां लेखपाल के पास पडी रहती है। जिससे नामांतरण कार्यवाही में देरी होती है।

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