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मंगलवार, 18 अप्रैल 2023

शाइस्ता की तलाश में चकिया पहुंची पुलिस, घर खुला छोड़कर भागे मायके वाले; सरेंडर की अटकलें हुईं तेज

प्रयागराज: अतीक और अशरफ की हत्या के बाद 50 हजार रुपए की इनामी शाइस्ता परवीन की तलाश में पुलिस की कई टीम सोमवार रात से छापामारी कर रही हैं। प्रयागराज और कौशांबी में तमाम स्थानों पर छापेमारी की गई है।शाइस्ता की तलाश में करीबियों और रिश्तेदारों के घर पर पुलिस ने घुसकर भी खोजबीन की जा रही है। चकिया में शाइस्ता के मायके में भी छापा मारा गया, जिसके बाद मायके वाले घर छोड़कर भाग गए। फिलहाल शाइस्ता के मायका वाला घर खुला हुआ पड़ा है।इसी बीच शाइस्ता के प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर की कयासों ने जोर पकड़ लिया है। जिला कचहरी में पुलिस फोर्स और क्राइम ब्रांच के जवान सक्रिय हो गए हैं। पुलिस ने पूरे परिसर की घेराबंदी कर रखी है। अतीक अहमद के वकीलों की भी निगरानी एसओजी द्वारा की जा रही है।

अतीक-अशरफ के कत्ल के बाद पहुंची अस्पताल अफवाह जाने क्या है सच्चाई

प्रयागराज।  अतीक और अशरफ की हत्या के बाद अफवाह उड़ी की शाइस्ता शौहर-देवर को देखने के लिए अस्पताल पहुंच गई है। और सरेंडर कर दिया है...। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की शनिवार की रात में गोली मारकर हत्या करने के मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उमेश पाल हत्याकांड में नामजद अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आई है। शौहर-देवर की हत्या और बेटे के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद भी शाइस्ता किसी के जनाजे में शामिल होने नहीं पहुंची।  सवाल यह है कि दुखों का पहाड़ टूट पड़ने के बावजूद शाइस्ता परवीन आखिर छिपी कैसे रह सकती है। कहीं यह पांच हजार करोड़ से अधिक की काली कमाई को बचाने का दांव तो नहीं? डर है कि कहीं वह जेल जाए और उसके गुर्गे ही संपत्तियों पर काबिज हो जाएं। सवाल-कयास और भी हैं, लेकिन जवाब किसी के नहीं। उमेश पाल हत्याकांड में नामजद होने के बाद शाइस्ता खुद ही 50 हजार की इनामी है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह सामने नहीं आ रही। पांच लाख के इनामी बेटे असद का एनकाउंटर हुआ तो यह लगा था कि शाइस्ता अपने बेटे का चेहरा जरूर देखने आएगी। मगर, यह कयास ही साबित हुआ। जिस बेटे पर जान छिड़कती थी, उसे वह आखिरी बार देखने तक नहीं पहुंची। इसके बाद अतीक और अशरफ की हत्या हुई तो किसी को कल्पना भी न थी कि वह नहीं आएगी। अफवाहें कई तरह की उड़ीं। यहां तक उड़ाया गया कि शाइस्ता शौहर-देवर को देखने के लिए अस्पताल पहुंच गई है। सरेंडर कर दिया है...। सारी बातें हवा-हवाई थीं और शाइस्ता की हर जगह गैरहाजिरी ने यह सिद्ध भी कर दिया। असल सवाल यह है कि शाइस्ता इतनी पत्थरदिल कैसे हो सकती है। इसके पीछे कुछ दलीलें हैं। बड़ी यही कि अतीक ने काली कमाई के जरिये पांच हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाई है। कई कंपनियां खड़ी की हैं। ईडी की छापेमारी के बाद बहुत कुछ सामने आ भी चुका है। अतीक के रहते शाइस्ता आश्वस्त रहती कि सबकुछ मैनेज हो जाएगा। खुद शाइस्ता को बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं थी। मगर, अब तो हालात एकदम उलट हैं। अतीक का एक बेटा ढेर हो चुका है। दो जेल में हैं और दो बाल संरक्षण गृह में। अगर वह पुलिस या अदालत के समक्ष समर्पण कर देती है तो उसे भी जेल जाना होगा। उसके लिए जेल से जमानत पर बाहर आना आसान नहीं। उसके खिलाफ कई नए मामले भी दर्ज हो सकते हैं। ऐसे में सलाखों के पीछे ही लंबी जिंदगी काटनी पड़ सकती है। उसके जेल जाते ही अतीक के लिए काम करने वाले ही हावी हो सकते हैं। लिहाजा, संपत्ति को बचाने के लिए शाइस्ता ने इतना कड़वा घूंट पिया है। वही अब अतीक के प्रयागराज से लेकर देश के विभिन्न शहरों में रियल एस्टेट कारोबार को संभालेगी।

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