● बुखार और दस्त से हुई है बच्चों की मौत, नहीं मिला है खसरा का कोई लक्षण- सीएमओ
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी कस्बे में बच्चों की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल टीमों लगाकर जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान एमआर वैक्सीनेशन के लिए भी तीन टीमें लगाई गई हैं। प्रथम दृष्टया इन सभी बच्चों की मृत्यु का कारण बुखार और दस्त सामने आया है। किसी भी बच्चे में खसरा रोग के लक्षण नहीं मिले हैं।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि मोहम्मदी कस्बे में बच्चों की मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन टीमें सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा के नेतृत्व में बनाकर क्षेत्र में जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया जांच में जो सामने आया है उसके अनुसार इन बच्चों की मौत बुखार और दस्त के कारण हुई है।
इस मामले में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता द्वारा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया है। वहीं उनके द्वारा क्षेत्र में मौलानाओं सहित तमाम बुद्धिजीवियों से बैठक कर क्षेत्र में वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने की अपील की गई है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. मयंक मिश्रा द्वारा जानकारी दी गई है कि मोहम्मदी कस्बे के मोहल्ला सरैय्या में शुक्रवार 13 जनवरी को ढाई वर्ष के अयात पुत्र गुड्डू की मृत्यु की सूचना मिली थी। जिसके बाद इसी मोहल्ले में 14 माह की उमरा पुत्री नूर मोहम्मद की मृत्यु की सूचना मिली। करीब 4 दिन पहले 4 साल के अजान पुत्र उस्मान की मृत्यु भी हुई थी। इन तीनों की मृत्यु के पीछे का कारण बुखार और दस्त के रूप में सामने आया है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि दो अन्य बच्चों के मौत की जानकारी भी उन्हें इस भ्रमण के दौरान हुई है। जिनकी मौत करीब 15 दिन पहले हुई थी। जिसके पीछे जब जांच की गई तो यह बात सामने आई है कि मोहल्ले में काफी गंदगी है और कई जगह घरों के सीवर के पाइप टूटे हैं जो पानी के पाइप को दूषित कर रहे हैं। जिसे देखते हुए जल निगम से पानी की सैंपलिंग कराने को कहा गया है। प्रथम दृष्टया किसी भी बच्चे में स्थलीय निरीक्षण में खसरा के लक्षण नहीं मिले हैं परंतु एहतियात के तौर पर 3 टीमें एएनएम के नेतृत्व में लगाई गई हैं जो एमआर वैक्सीनेशन कर रही हैं। करीब दोपहर 2 बजे तक 10 बच्चों की डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की सैंपलिंग की जा चुकी थी और टीमें क्षेत्र में लगातार जांच कर रही थी, हालांकि लोग बच्चों की जांच कराने में पीछे हट रहे हैं। मलेरिया की टीम द्वारा भी यहां पर एंटी लारवा का छिड़काव कराया जा रहा है। इसी के साथ-साथ पालिका प्रशासन से यहां की गंदगी को साफ करने के लिए कहा गया है।
● 472 घरों का हुआ सर्वे, बुखार के मिले 9 बच्चे
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि बच्चों की मौत के मामले में मोहम्मदी के सरैय्या मोहल्ले में 12 टीमों द्वारा 472 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान बुखार से 9 बच्चे ग्रसित पाए गए हैं। तीन वैक्सीनेशन टीमों द्वारा 76 बच्चों को वैक्सीनेटेड किया गया है। 61 सैंपल जांच के लिए लिए गए। इसमें डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया और टाइफाइड की जांच की गई है जो सभी निगेटिव हैं। 5 में से 3 बच्चों की मृत्यु बुखार डायरिया से हुई है। इन मौतों के पीछे जो मुख्य कारण पता चल रहा है, वह दूषित पीने का पानी हो सकता है। स्थली निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और अधीक्षक सीएचसी मोहम्मदी द्वारा किए गए भ्रमण के दौरान यह बातें सामने आई हैं।
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