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रविवार, 15 जनवरी 2023

मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम में उमड़ा आस्था का सैलाब

प्रयागराज। संगम पर मकर संक्रांति स्नान शनिवार से शुरू हो गया। भोर से ही श्रद्धालुओं का हुजूम संगम तट पर पहुंचने लगा। हर हर महादेव और हर हर गंगे के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। मेले में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है। सूर्य के उत्तरायण होने पर देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 15 घाटों पर डुबकी लगाने की व्यवस्था की गई है। इस बार भी मकर संक्रांति की डुबकी दो दिन लगेगी। शनिवार की रात सूर्य उत्तरायण हो रहे हैं, स्नान सुबह से ही आरंभ हो गया। लेकिन, पुण्यकाल की मान्यता रखने वाले रविवार को संक्रांति की डुबकी लगाएंगे। जगमग दूधिया एलईडी बल्बों, रंग-बिरंगी रोशनियों से संगम की रेती पर तंबुओं का भव्य नगर सज गया है। गंगा, यमुना, अदृश्य सरस्वती की गोद आस्था-विश्वास की अनंत बूंदों से भर गई है। ज्ञान की गहरी जड़ों के रूप में विराजित अक्षय वट से लेकर त्रिवेणी, काली और गंगोली शिवाला मार्ग तक संतों, भक्तों, कल्पवासियों के लाल, पीले, नीले, हरे शिविर सजने के साथ ही माघ मेले की छटा निहारते बन रही है।  शनिवार की रात 8:44 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर जाएगा। उदया तिथि की मान्यता के क्रम में पुण्यकाल रविवार की सुबह से शाम तक रहेगा। लेकिन संगम पर डुबकी शनिवार को ही लगने लगी। सूर्य के उत्तरायण होने से पहले मकर संक्रांति स्नान के लिए श्रद्धालुओं का रेला शिविरों में पहुंचने लगा।

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