● कायस्थ समाज को राजनीतिक पटल पर लाने के लिए शीघ्र ही राजनीतिक संगठन का गठन जरूरी- मनोज सक्सेना ......
आदरणीय कायस्थ बंधुओं,
वर्तमान परिस्थिति में कायस्थ समाज के हजारों संगठन कश्मीर से कन्याकुमारी तक गठित हो चुके हैं लेकिन 1887 में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा का गठन किया गया यह देश का पहला जाति संगठन था जिसके माध्यम से आजादी की लड़ाई लड़ी गई राष्ट्र के गौरव का इतिहास रचा गया इस संगठन के माध्यम से देश में राजनीतिक चेतना जागरूक करना कार्य था लेकिन अफसोस है वर्तमान परिस्थिति में कई हजार संगठन कायस्थ समाज के गठित हो चुके हैं अगर देखा जाए तो समाज में इतने वरिष्ठ नेता हो गए हैं अगर सभी लोग प्रयास करते तो ...
आज उत्तर प्रदेश.मध्य प्रदेश. राजस्थान. उत्तरांचल. हरियाणा सहित सभी राज्यों में कायस्थ समाज के कई विधायक,सांसद,मंत्री होने चाहिए थे लेकिन ज्यादातर संगठन मेहंदी प्रतियोगिता,सांस्कृतिक कार्यक्रम,वैवाहिक परिचय सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों में उलझे हुए हैं जो हमको राजनीतिक सोच रखनी चाहिए वह खत्म हो गई आज आवश्यकता है कि हम लोग राजनीतिक रूप से जब तक मजबूत नहीं होंगे तब तक कायस्थ समाजआर्थिक,सामाजिक, व्यवहारि रूप से खत्म हो जाएगा इसलिए राजनीतिक पटल पर आने की आवश्यकता है जब तक हम लोग राजनीतिक रूप से मजबूत नहीं होंगे तब तक कायस्थ समाज को आगे नहीं लाया जा सकता संगठनों में सदस्यता शुल्क हजारों,लाखों की रुपए में शुरू हो गई हैं लेकिन राजनैतिक पकड़ इतनी भी नही कि किसी को पार्षद की टिकट भी किसी दल से दिलवा दे इसलिए आम कायस्थ संगठनों से नहीं जुड़ पा रहा है इन परिस्थितियों को देखते हुए हमें संकल्प लेना है कि हम राजनीतिक रूप से मजबूत हो अखिल भारतीय स्तर पर एक ऐसा संगठन खड़ा करें जिसमें सभी उन अपने कायस्थ बंधुओं को जोड़ा जाए जो नगर पालिका,नगर परिषद,नगर निगम,जिला पंचायत,ब्लॉक,विधानसभा,लोकसभा स्तर पर राजनीति कर रहे हैं लेकिन कायस्थ समाज के संगठनों द्वारा उनको सहयोग नहीं मिल पा रहा है इसलिए शीघ्र ही कायस्थ समाज का एक ऐसा संगठन खड़ा किया जाएगा जिसमें सिर्फ राजनीतिक सोच के लोगों को रखा जाएगा तथा कायस्थ समाज के उन वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं व जिन्होंने राजनीतिक कायस्थ दलों का गठन किया है उनसे तालमेल बनाकर इस संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जाएगा।
मैं आप सभी लोगों से अनुरोध करता हूं आज के युग में कायस्थ समाज में बेरोजगारी का मूल का मूल कारण हमारे समाज के राजनीतिक लोगों का सत्ता में ना पहुंचना है वर्तमान में दलितों,पिछड़ों वअन्य जातियों पर विचार किया जा रहा है और उनकी बात कही जा रही है लेकिन कायस्थ समाज के बारे में कोई योजनाएं नहीं बना रहे है हम लोग यह प्रण लेते हैं जो संगठन मेहंदी प्रतियोगिता,सांस्कृतिक कार्यक्रम,वैवाहिक परिचय सम्मेलन करा रहे उनको अपना काम करने दे वह अपना सामाजिक कार्य कर रहे हैं हम लोगों को राजनीतिक कार्य करना है हम राजनीतिक रूप से मजबूत हो आगामी 2024 में राजनीतिक दलों को पता लगे कि कायस्थ समाज क्या एजेंडा है अपने आप को राजनीतिक मजबूत करने का है शीघ्र ही लखनऊ में एक विशाल सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा जिसमें संगठन व उसके कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।
◆ मनोज सक्सेना(एडवोकेट
सामाजिक कार्यकर्ता
कायस्थ समाज का एक चिंतक
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