बुंदेलखंड में जलवा बरकरार, नगर पालिका परिषद चिरगांव के चुनावों में राघवेंद्र सिंह जू देव (संजले राजा) ने निर्दलीय जीत कर उत्तर प्रदेश में बनाया रिकॉर्ड: वर्ष 1929 से लगातार जीत का लहराया परचम
विश्व के नक्शे पर बुंदेलखंड की भूमि क्रांतिवीरों एवं योद्धाओं की कर्मधरती रही है l देश में पहली क्रांति सन् 1842 में झांसी जिला के चिरगांव से हुई थी, देश को आजाद कराने के लिए राव बखत सिंह जूदेव ने अंग्रेजों से लोहा लेकर स्वतंत्र का बिगुल बजा दिया था l उत्तर प्रदेश में झांसी जिले की नगर पालिका परिषद चिरगांव एक ऐसी नगर पालिका परिषद है, यहां पर आजादी की पूर्व से ही देश के पहले स्वतंत्रता सेनानी का राज परिवार निर्दलीय चुनाव लड़कर जीतते आ रहे है l देश के प्रथम स्वतंत्र सेनानी राव बखत सिंह जूदेव के नाती कुं. राघवेंद्र सिंह जू देव (संजले राजा) क्षेत्र की सुरक्षा एवं जनता की रक्षा के लिए हमेशा साथ दिया, वर्ष 1929 से आज तक लगातार नगर पालिका परिषद चिरगांव के अध्यक्ष पद पर राघवेंद्र सिंह जूदेव (संजले राजा) स्वयं और उनका परिवार एवं समर्थित चुनाव जीते आ रहे हैं l ब्लॉक प्रमुख का चुनाव या विधानसभा और लोकसभा का इनके समर्थन से इस क्षेत्र से चुनाव जीत सका l जनता के मध्य परिवार की भावना और क्षेत्र का विकास कर सभी को साथ लेकर चलना l कुं. राघवेंद्र सिंह जूदेव (संजले राजा) ने कहा कि यह जीवन जनता के लिए समर्पित है सदैव जनता की सेवा करता रहूंगा, जनता के सुख-दुख में साथ दूंगा l हिंदुस्तान में प्रथम स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिवीर बनकर जनता में वीरता दी l यहां सामूहिक बैठक कर जनता के निर्णय पर प्रत्याशी तय किए जाते हैं, जनता का निर्णय ही सर्वमान्य होता है l जनता के आशीर्वाद से चुनाव निर्दलीय जीतकर रिकॉर्डर बनाया l
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