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शनिवार, 19 नवंबर 2022

खीरी खबर / नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अंर्तगत जिला महिला अस्पताल में आयोजित हुआ हेल्थी बेबी शो कार्यक्रम

यह नवजात शिशु देखभाल सप्ताह 15---21 नवम्बर तक चलेगा ....
लखीमपुर खीरी।  जिला महिला चिकित्सालय के प्रांगढ में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के अंतर्गत पहले दिन हेल्दी बेबी शो का कार्यक्रम को आयोजित किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सीएमओ डॉक्टर संतोष गुप्ता पहुंचे इस दौरान सीएमएस डॉ ज्योति मेहरोत्रा, एसीएमओ डॉ अश्विनी कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 0-1 वर्ष के बच्चों ने भाग लिया।
जानकारी देते हुए जिला महिला चिकित्सालय सीएमएस डॉ ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि शनिवार की सुबह 08ः30 बजे से दोपहर 11ः30 बजे तक (0-1 वर्ष के) बच्चों का पंजीकरण कार्यक्रम के लिए किया गया। कार्यक्रम में बच्चों के चयन के लिए चयन का आधार जन्म का पंजीकरण, आयु के सापेक्ष्य वजन, टीकाकरण स्थिति, जन्म के समय कोलेस्ट्रम एवं केवल स्तनपान (06 माह की आयु तक) रखा गया था। भाग लेने वाले सभी बच्चों को एक-एक खिलौना, बिस्कुट पैकेट, चाय एवं लॉलीपॉप दिया गया। चयन के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार क्रमशः बेबी जूली, बेबी रीमा एवं बेबी सुबीना खातून को सीएमओ डा संतोष गुप्ता, एसीएमओ डा. अश्वनी कुमार, सीएमओएस डा. जयोति मेहरोत्रा द्वारा दिया गया।
चयन के आधार पर ही तीन सांत्वना पुरस्कार क्रमशः बेबी शबनम, बेबी वन्दना वर्मा एवं बेबी सोनिका देवी को डा. बृजमोहन, डा. राजीव अग्रवाल द्वारा दिए गए। शो में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये डा. बृजमोहन, बाल रोग विशेषज्ञ ने कहा कि बच्चों का जन्म का पंजीकरण कराने, सभी प्रतिरोधक टीके लगवाने तथा जन्म के समय कोलेस्ट्रम एवं छः माह की आयु तक केवल स्तनपान कराना बेहद जरुरी है।
हेल्दी बेबी शो के लिये कार्यक्रम प्रांगढ़ को गुब्बारों तथा झूमरों से सजाया गया था।
डा. ज्योति मेहरोत्रा ने बताया कि स्तनपान शिशु का मौलिक अधिकार है, शिशु के व्यापक विकास एवं स्वास्थ्य के लिये आवश्यक है। अतः छः माह तक केवल मां का दूध ही दिया जाए। मां का दूध पीने वाले बच्चे भावनात्क एवं मानसिक रूप से समृद्व होते हैं। शुरू के तीन दिन के गाढे पीले दूध में जिसको हम कोलेस्ट्रम कहते है। सभी रोगों से लड़ने की इसमें अद्भुत क्षमता होती है इसीलिये इसे अमृत भी कहा जाता है। एसीएमओ डा. अश्वनी कुमार ने भी ’’स्तनपान आपदा में सर्वोत्तम बचाव’’ पर भी विधिवत जानकारी दी उन्होंने बताया कि बच्चे के विकास में परिवार का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान होता है। पशुओं का संपूर्ण टीकाकरण किया जाना परिवार की नैतिक जिम्मेदारी है और स्वास्थ्य विभाग इसके लिए सदैव तत्पर रहता है।
सीएमओ डा. संतोष गुप्ता ने ऊपर के दूध एवं बोतल के प्रयोग से होने वाले नुकसान तथा इससे बचने के लिये लाये गये इन्फैक्ट मिल्क सब्सटीट्यूट (आईएमएस) एक्ट के संबंध में लोगों का जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मां का पहला पीला गाढ़ा दूध बच्चे की पहली वैक्सीन है बहुत से लोग इसे जागरूकता के अभाव में खराब कर देते हैं जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों की समुचित देखभाल और परामर्श के लिए बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा परामर्श अति आवश्यक होता है घरेलू नुस्खे और बताई गई आवश्यक चीजों से परहेज बच्चे के स्वास्थ्य के लिए उत्तम रहता है।
डा. राजीव अग्रवाल ने बताया कि जन्म के एक घण्टे के अन्दर स्तनपान कराने में समस्त महिला कार्यकत्रियों एवं आशाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए। प्रत्येक कर्मी कम से कम तीन माताओं को शिशु जन्म के पश्चात् एक माह तक स्तनपान कराने में पूर्ण सहयोग करे।
अन्त में सभी बच्चों के साथ उपस्थित प्रतिभागियों को सूक्ष्म जलपान कराते हुये आभार व्यक्त किया गया तथा हेल्दी बेबी शो का समापन किया गया।
इस दौरान शो में सीएमओ डा संतोष गुप्ता, एसीएमओ डा. अश्वनी कुमार, सीएमएस एवं डा ज्योति मेहरोत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डा. बृजमोहन, बाल रोग विशेषज्ञ डा. राजीव अग्रवाल, शिप्रा वर्मा, अशोक कुमार पाण्डेय, लोकेश सिंह, शिखा कश्यप, ललित वर्मा आदि उपस्थित रहे।

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