स्थानीय विद्यालय पं0 दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज (सी0बी0एस0ई0), उदयपुर, लखीमपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयदशमी उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पारम्परिक शस्त्रों का पूजन किया गया एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीतापुर के विभाग प्रचारक बैरिस्टर रहे।
श्री बैरिस्टर ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हिन्दू समाज के लिए महत्वपूर्ण है। देश के अन्दर घोर अंधकार था, समाज बिखरा हुआ था, हिन्दू समाज बहुत ही निराशा में जी रहा था। तब आज के ही दिन डा0 हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संध की स्थापना की।
संघ के 6 उत्सव हैं, विजयादशमी उनमें से एक है। भगवान श्रीराम ने आज के ही दिन समाज को संगठित किया और अत्याचारी रावण का अन्त किया। हिन्दू समाज गर्व से खड़ा रहे इसलिए इस उत्सव को मनाया जाता है। शक्ति की आराधना करके हमें समाज को मजबूत बनाना है। शक्तिशाली का समाज में सम्मान होता है। शक्ति ग्रहण करने के बाद भी हम धर्म का संरक्षण करते हैं न कि किसी दूसरे पर आक्रमण करते हैं, यह भारत का इतिहास रहा है। हिन्दू समाज सदैव सम्पूर्ण विश्व को साथ में लेकर चलना चाहता है और विश्वबन्धुत्व का भाव रखता है। हमारा उद्देश्य धर्म स्थापना है। जब अधर्म का प्रभाव बढ़ता है तो वे लोग कोई समाज हित का कार्य नहीं होने देते हैं। रावण को जलाने का तात्पर्य अधर्म को जलाने से और उससे सीख लेना है कि हमे धर्म के कार्य को आगे बढ़ाना है। द्वापर युग में मानवता का क्षरण हो गया था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना हेतु आततायी कंस का वध किया। आज दुनिया भर में संघ का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। संघ कार्य ईश्वरीय कार्य है। भारत का विजय रथ चल चुका है, जिसे कोई रोक नहीं सकता है।
आज विजय दिवस के अवसर पर हम यह संकल्प लें कि भारत हिन्दू राष्ट्र बनने वाला है, लोगों को विश्वास दिलाना है कि हमारा गौरवशाली इतिहास कैसा रहा है। हम जिस धरा पर जन्मे है उस पर हमें अभिमान करना चाहिए। कार्यक्रम में जिला संघचालक स्वर्ण सिंह , अवधेश , संजीव , अमरेश , अविनाश (जिला प्रचारक), अवधेश पुरी , सानू , नीरज , मुख्य शिक्षक के रूप में रामनिवास आदि गणमान्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
साभार : आशीष प्रताप श्रीवास्तव
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