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शनिवार, 18 अप्रैल 2026

भावों के रंगों में सजा ‘रंग-मंथन’: सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल में स्थापना दिवस एवं वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन

🔘 नवरसों की अनुपम छटा में खिला ‘रंग-मंथन’, बना प्रतिभा, संस्कृति और सृजन का जीवंत उत्सव

लखीमपुर खीरी। संस्कार, संस्कृति और सृजनात्मकता के अद्भुत संगम का साक्षी बना सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, लखीमपुर खीरी, जहाँ विद्यालय के 8वें स्थापना दिवस एवं वार्षिकोत्सव ‘रंग-मंथन’ का आयोजन अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। भारतीय संस्कृति के ‘नवरस’ पर आधारित इस अनूठे आयोजन ने दर्शकों को भावनाओं के विविध आयामों से परिचित कराते हुए मानो एक जीवंत कला-यात्रा पर ले गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात गणितज्ञ एवं सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. आशीष गुप्ता, डायरेक्टर प्राप्ति गुप्ता, प्रधानाचार्या गज़ाला कौसर, प्रबंधक समिति के सदस्य डॉ. प्रदीप कुमार गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट (जयपुरिया स्कूल ग्रुप) अरिजीत घोष, ऑपरेशन हेड दीपिका सिंह, कॉर्पोरेट प्रतिनिधि प्रज्ञा, केंद्रीय विद्यालय सीतापुर के प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्य सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस पावन क्षण ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से  भर दिया।

 ‘नवरस’ की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की हास्य रस से ओतप्रोत प्रस्तुति ने सभागार को ठहाकों से गूंजा दिया, वहीं शृंगार रस में राधा-कृष्ण नृत्य ने सौंदर्य, प्रेम और भक्ति का मनोहारी चित्र उकेर दिया। करुण रस की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने दर्शकों की आँखें नम कर दीं, तो भयानक रस की नाटकीय प्रस्तुति ने रोमांच और कौतूहल का वातावरण निर्मित किया। वात्सल्य रस में बच्चों की मासूमियत ने सभी को भावविभोर कर दिया, वहीं भक्ति रस की प्रस्तुति ने वातावरण को श्रद्धा और आध्यात्मिकता से सराबोर कर दिया। वीर रस में विद्यार्थियों ने भारतीय वीरों के साहस और पराक्रम का ऐसा जीवंत चित्रण किया कि पूरा सभागार गर्व से गूंज उठा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण महाभारत पर आधारित नृत्य-नाटिका रही, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने सशक्त अभिनय, उत्कृष्ट नृत्य और प्रभावशाली मंचन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजक रही, बल्कि भारतीय महाकाव्य की गहराई और संदेश को भी प्रभावी रूप में प्रस्तुत कर गई।

 इस अवसर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके परिश्रम और उत्कृष्टता को सराहा गया। वहीं यूकेजी ग्रेजुएशन सेरेमनी ने समारोह में एक भावुक और गौरवपूर्ण आयाम जोड़ दिया, जहाँ नन्हे विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर अभिभावकों की आँखें गर्व से चमक उठीं। अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में आनंद कुमार ने कहा, “परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की सच्ची कुंजी हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास और आत्मबल को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” डॉ. आशीष गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों और रचनात्मकता का भी सशक्त मंच है। ‘रंग-मंथन’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने का प्रभावी माध्यम हैं। प्राप्ति गुप्ता ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में कहा कि प्रत्येक बालक अपनी अलग पहचान और प्रतिभा रखता है, और ऐसे आयोजन उन्हें अपनी क्षमताओं को अभिव्यक्त करने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। गज़ाला कौसर ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘रंग-मंथन’ विद्यालय परिवार की सामूहिक प्रतिबद्धता, शिक्षकों के परिश्रम और अभिभावकों के सहयोग का जीवंत उदाहरण है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है। पूरे आयोजन ने विद्यालय की शैक्षिक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक समृद्धि और विद्यार्थियों के बहुआयामी विकास के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया। ‘रंग-मंथन’ ने न केवल मंच को रंगों और भावों से सजाया, बल्कि उपस्थित हर हृदय में एक अविस्मरणीय छाप भी छोड़ दी।

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