लखीमपुर खीरी, 14 फरवरी। जिले के थानों में आयोजित समाधान दिवस महज़ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जनविश्वास की धड़कन बनकर उभरा। कोतवाली सदर में जब जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक डॉ ख्याति गर्ग फरियादियों के बीच पहुँचे, तो प्रशासनिक सख्ती के साथ संवेदनशीलता का स्वर भी स्पष्ट सुनाई दिया।
डीएम ने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में आपसी समन्वय को अनिवार्य बताते हुए कहा कि पीड़ित की पीड़ा को समझना ही समाधान की पहली सीढ़ी है। हीलाहवाली को अक्षम्य बताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्वकर्मी और पुलिस बल मौके पर जाकर विवादों का निस्तारण करें। गंभीर मामलों में तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराने की हिदायत भी दी गई।
निरीक्षण के दौरान मालखाना, हवालात, महिला हेल्प डेस्क और अभिलेखों की स्थिति पर बारीकी से नजर डाली गई। एसपी ने ड्यूटी रजिस्टर और सीसीटीवी व्यवस्था जांची। साफ-सफाई और सुव्यवस्थित अभिलेखों पर संतोष व्यक्त करते हुए कुछ सुधारात्मक निर्देश भी दिए गए। समाधान दिवस ने प्रशासन की जवाबदेही और जनता के विश्वास के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य किया।
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