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सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

Lmp. मौन से उम्मीद तक करुणा, संकल्प और सेवा की प्रेरणादायी मिसाल बने सुरेन्द्र कुमार तोलानी

🔘 मौन से उम्मीद तक करुणा, संकल्प और सेवा की प्रेरक कहानी बने सुरेन्द्र कुमार तोलानी

लखीमपुर। तमाम समाजसेवी संस्थाओं, समूहों और संगठनों से प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से जुड़कर सामाजिक उत्थान में अतुलनीय योगदान देने वाले समाजसेवी सुरेन्द्र कुमार तोलानी एक अनौपचारिक मुलाक़ात में क्षेत्र के मूक-बधिर बच्चों को लेकर अत्यंत संवेदनशील, चिंतनशील और गंभीर दृष्टि से ओत-प्रोत दिखाई दिए। यह केवल एक मुलाक़ात नहीं थी, बल्कि उनके भीतर वर्षों से संचित करुणा और दायित्वबोध का मौन उद्घोष थी।

आदर्श मूकबधिर विद्यालय, लखीमपुर के अध्यक्ष के रूप में श्री तोलानी ने विश्वास के साथ कहा कि शीघ्र ही क्षेत्रवासियों के सहयोग और सामूहिक प्रयासों से मूकबधिर विद्यालय की तस्वीर बदली-बदली नजर आएगी। उनका कहना था कि इन विशेष बच्चों के लिए कुछ करने की भावना उनके मन में प्रारंभ से ही रही है, समय-समय पर उन्होंने प्रयास भी किए हैं और अब जब अवसर, आवश्यकता और दायित्व तीनों एक साथ उपस्थित हैं, तो पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अपने इस दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ करेंगे तथा विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उनकी दृष्टि में ये बच्चे केवल सहायता के पात्र नहीं, बल्कि समाज की वह संभावनाएँ हैं, जिन्हें सही अवसर और स्नेह मिल जाए तो वे भी अपने मौन से नई दिशाएँ रच सकते हैं। श्री तोलानी का सामाजिक सरोकार यहीं तक सीमित नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंदों की सहायता हो या निरीह-निराश्रित पशुओं के प्रति करुणा, वे हर क्षेत्र में मानवीयता का प्रदीप्त दीपक जलाते हुए नजर आते हैं। निःस्वार्थ सेवा, संवेदना और कर्मठता उनके व्यक्तित्व की पहचान है। निःसंदेह, सुरेन्द्र कुमार तोलानी जैसे समाजसेवी आज के समय में आशा, विश्वास और प्रेरणा के ऐसे स्तंभ हैं, जिनके प्रयास समाज को अधिक मानवीय, समावेशी और संवेदनशील बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर हैं।

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