🔘 शिक्षक दिवस पर IKMG ने लिखा सेवा और सम्मान का स्वर्णिम अध्याय
लखीमपुर। अंतरराष्ट्रीय खत्री महासभा की लखीमपुर शाखा ने इस वर्ष शिक्षक दिवस को केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सेवा और समर्पण के दिव्य उत्सव में बदल दिया। स्वाद एक्सप्रेस के सजीव वातावरण में गीत, संगीत और खेलों की मधुर गूंज के बीच शिक्षकों का सम्मान हुआ, और साथ ही समाज को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल किताबों तक नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों और उनके उज्ज्वल भविष्य तक पहुंचाने का माध्यम है।
संस्था IKMG ने इस अवसर पर समाज के उत्थान की अनूठी मिसाल पेश की। दो बच्चों की वार्षिक फीस जमा कर और एक बच्चे को वर्षभर के लिए गोद लेकर उसकी शिक्षा का संपूर्ण भार उठाने का संकल्प किया। इस कदम से न केवल बच्चों के चेहरों पर मुस्कान आई, बल्कि उनके परिवारों को भी नई उम्मीद और आत्मबल मिला। शिक्षा की ज्योति जलाकर उनके जीवन में खुशियों के नए दीप प्रज्वलित किए गए। समारोह में पुष्प सम्मान पाकर शिक्षकों ऊषा टंडन, आरती चोपड़ा, अनामिका सेठ, मीता टंडन, शालिनी पुरी और निशि टंडन की आँखों में गर्व और आत्मीयता की चमक साफ झलक रही थी। उन्होंने अपने उत्साह और भागीदारी से इस आयोजन को यादगार बना दिया। संरक्षिका सविता चोपड़ा, डायरेक्टर राखी चोपड़ा और सलाहकार परिषद सदस्य सपना कक्कड़ के मार्गदर्शन में कार्यकारिणी और सदस्यगणों की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम का समापन सूक्ष्म जलपान के साथ हुआ, परंतु दिलों में सेवा, सम्मान और शिक्षा के प्रति समर्पण की मिठास देर तक बनी रही। यह आयोजन शिक्षा के साथ समाजसेवा का ऐसा संगम था, जिसने यह संदेश दिया कि जब समाज मिलकर शिक्षकों और बच्चों का संबल बनता है, तभी सच्चे अर्थों में शिक्षक दिवस सार्थक होता है।
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