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सोमवार, 22 सितंबर 2025

दक्षिण भारत की पहली साइबर-भौतिक प्रणाली प्रयोगशाला का चेन्नई में उद्घाटन

आईआईटी रोपड़ और हिट्स चेन्नई ने दक्षिण भारत की पहली साइबर-भौतिक प्रणाली प्रयोगशाला का शुभारंभ किया

आईआईटी रोपड़-हिट्स सहयोग से तमिलनाडु को अपनी पहली सीपीएस प्रयोगशाला मिली

रोपड़/चंडीगढ़, 21 सितंबर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन (एनएम-आईसीपीएस) के सहयोग से, हिंदुस्तान प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (मानित विश्वविद्यालय), चेन्नई में अपनी सोलहवीं साइबर-भौतिक प्रणाली (सीपीएस) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। यह तमिलनाडु और दक्षिण भारत की पहली सीपीएस प्रयोगशाला है, जो पूरे क्षेत्र में सीपीएस प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को सुदृढ़ करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम की शुरुआत नई सीपीएस प्रयोगशाला के उद्घाटन के साथ हुई। समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजीव आहूजा, हिट्स के कुलपति डॉ. आनंद जैकब वर्गीस; हिट्स के प्रो-कुलपति डॉ. अशोक जॉर्ज वर्गीस; भारत में इरीट्रिया के राजदूत और राजनयिक समुदाय के डीन माननीय एलेम त्सेहे वोकडेमारियम; हिट्स की उप-निदेशक श्रीमती एनिड वर्गीस जैकब और अवध की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राधिका त्रिखा; अवध के मुख्य संपर्क अधिकारी श्री आदिया मदान उपस्थित थे।

इस अवसर पर आईआईटी रोपड़ के निदेशक डॉ. राजीव आहूजा ने अपने संबोधन में बताया कि यह सीपीएस प्रयोगशाला दक्षिण भारत की पहली प्रयोगशालाओं में से एक है तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एनएम-आईसीपीएस कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापित सोलहवीं प्रयोगशाला है। इसका उद्देश्य स्वदेशी औजार-किट के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देना है।

आईआईटी रोपड़ प्रौद्योगिकी एवं नवाचार प्रतिष्ठान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राधिका त्रिखा ने अपने संबोधन में सीपीएस तकनीकों को सभी के लिए सुलभ बनाने और नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करने की बात कही।

हिट्स स्थित सीपीएस प्रयोगशाला, आईआईटी रोपड़ द्वारा विकसित उन्नत इंटरनेट ऑफ थिंग्स (वस्तुओं का अंतरजाल) किट से सुसज्जित है, जो व्यावहारिक शिक्षण के लिए चौबीसों घंटे प्लग-एंड-प्ले (जोड़ो और चलाओ) सुविधा प्रदान करती है। प्रमुख संसाधनों में वोल्टेरा वी-वन परिपथ प्रोटोटाइप मशीन, ब्लूटूथ लो एनर्जी विकास उपकरण, कम शक्ति वाले कैमरा मॉड्यूल, पर्यावरण संवेदक और टेराफैक टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदान किए गए कृत्रिम बुद्धिमत्ता/यंत्र अधिगम कार्य-स्थान शामिल हैं, जो साइबर-भौतिक प्रणालियों और स्मार्ट तकनीकों के व्यावहारिक अन्वेषण को सक्षम बनाते हैं।

इस कार्यक्रम में टीएएनकैम केंद्र का उद्घाटन भी हुआ। समारोह का समापन सीपीएस प्रयोगशाला के औपचारिक उद्घाटन के साथ हुआ, जिसके पूर्व सीपीएस प्रयोगशाला का भ्रमण और इसकी उन्नत क्षमताओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया। उच्च-प्रभावी प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन की गई यह प्रयोगशाला छात्रों, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और उद्योग के पेशेवरों, सभी को समान रूप से लाभान्वित करेगी। आईआईटी रोपड़ की तकनीकी टीम ने पहला प्रशिक्षण और अभिमुखीकरण सत्र आयोजित किया, जिसमें प्रतिभागियों को प्रयोगशाला के सीपीएस-आधारित औजार-किट और व्यावहारिक शिक्षण अवसरों से परिचित कराया गया।

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