लखीमपुर खीरी, 06 अगस्त। जब कोई प्रशासनिक नेतृत्व संवेदना और संकल्प से जुड़कर ज़मीनी ज़रूरतों को समझता है, तब नीतियाँ नहीं, बदलाव जन्म लेते हैं। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में ज़िलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने आज वही चेतावनी दी जिसे अब केवल निर्देश नहीं, जनता के प्रति उत्तरदायित्व का उद्घोष माना जाना चाहिए।
904 परियोजनाओं का लिया लेखा-जोखा, स्पष्ट निर्देश: अब नहीं सहेंगे देरी!
जल जीवन मिशन के अंतर्गत एनसीसी लिमिटेड की 667 और वीटीएल लिमिटेड की 237 परियोजनाओं की प्रगति का आंकलन करते हुए डीएम नागपाल का स्वर स्पष्ट था, जल आपूर्ति में अब और देरी नहीं चलेगी, जनता की प्यास अब प्रतीक्षा नहीं करेगी।”
उन्होंने निर्देश दिए कि जो योजनाएँ पूर्णता के द्वार पर हैं, उनमें तत्काल जल प्रवाह शुरू किया जाए, ताकि ग्रामीण जनता को राहत मिल सके। वहीं अधूरी योजनाओं के लिए गुणवत्ता और समयबद्धता के मानक तय करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता की प्यास पर संवेदना, कार्य में दृढ़ता
डीएम ने कहा जल जीवन मिशन सिर्फ एक योजना नहीं, यह गाँव-गाँव, घर-घर की ज़रूरतों से जुड़ी एक संवेदनशील पहल है। हर एक बूँद का वादा हम जनता से कर चुके हैं, और अब उसे पूरा करना ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उनका यह वक्तव्य न केवल प्रशासनिक चेतावनी थी, बल्कि एक नारी नेतृत्व की करुणा और कर्मठता का प्रतिबिंब भी था।
सशक्त समन्वय: हर विभाग एक संकल्प के साथ
बैठक में उपस्थित मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने पेयजल परियोजनाओं की अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की। साथ ही डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह, डीपीआरओ विशाल सिंह, जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता अविनाश गुप्ता, और सभी तकनीकी व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
इस सामूहिक समन्वय से स्पष्ट हो गया कि अब यह सिर्फ योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि जल-साक्षरता की एक जनक्रांति बनने जा रही है।
एक नई शुरुआत की दस्तक...
जब एक ज़िलाधिकारी अपने जिले की धरती से उठती हर पुकार को सुनती है, जब वह हर टपकती बूँद की गवाही बन जाती है, तब कोई भी योजना सिर्फ कागज़ी नहीं रह जाती, वह आशा की धार बनकर बहती है।
दुर्गा शक्ति नागपाल की इस कार्यशैली ने लखीमपुर खीरी में सिर्फ प्रशासनिक अनुशासन ही नहीं, बल्कि भरोसे का नया बाँध भी खड़ा कर दिया है।
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