कौशाम्बी यूपीएस सकाढा विद्यालय,मूरतगंज व कशिया पश्चिम सिराथू में संकुल शिक्षक बैठक का आयोजन मंगलवार को बड़े उत्साह और गंभीर शैक्षिक माहौल में संपन्न हुआ। यह बैठक सकाढा न्याय पंचायत मूरतगंज के अंतर्गत आयोजित की गई।बैठक क्रिया विधि को संचालित करते हुए एसआरजी डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने कहा निपुण भारत मिशन केवल एक योजना नहीं बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में राष्ट्रीय संकल्प है प्रत्येक शिक्षक को दक्षता आधारित शिक्षा पद्धति अपनाकर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाना ही वास्तविक सफलता है।हम सब शिक्षक मिलकर यदि टीम भावना के साथ शिक्षण कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से हमारे संकुल के विद्यालय निपुण भारत मिशन के आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होंगे।उपस्थित शिक्षकों ने अपने विद्यालय में दक्षता आधारित शिक्षण की रणनीति अपनाते रहने का संकल्प लिया।शिक्षक वृंद ने शिक्षण सामग्री का आदान-प्रदान कर आपसी सहयोग की मिसाल पेश की।बैठक ने साझा दृष्टिकोण और सहयोगी वातावरण को मजबूत किया।निपुण भारत मिशन की प्रगति को ट्रैक करने हेतु साप्ताहिक रिपोर्टिंग प्रणाली लागू करने पर सहमति बनी।
यह संकुल बैठक न केवल शिक्षण कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने का माध्यम बनी, बल्कि शिक्षकों के बीच संवाद, सहयोग और नवाचार की नई ऊर्जा लेकर आई। सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा को बालकेंद्रित,सरल,रोचक और दक्षता आधारित बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील रहेंगे।बैठक में शिक्षण की गुणवत्ता एवं निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। शिक्षकों ने अपनी-अपनी शैक्षिक रणनीतियों, अनुभवों एवं विद्यालयीय उपलब्धियों को साझा किया। बैठक में विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई इंस्पायर अवार्ड 5-5 फॉर्म भरने की प्रक्रिया पर शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया गया, जिससे नवाचार और विज्ञान परियोजनाओं को बढ़ावा मिले।कार्यपुस्तिका और संदर्शिका बच्चों की अधिगम प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाने में इनके प्रयोग पर बल दिया गया।प्रिंट रिच सामग्री शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे कक्षा-कक्ष को शिक्षण सामग्री से समृद्ध कर वातावरण को बाल-मैत्रीपूर्ण बनाएं निपुण तालिका बच्चों की दक्षताओं का स्तर निर्धारित करने, लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने और मूल्यांकन पद्धति को पारदर्शी बनाने के लिए निपुण तालिका के प्रयोग को आवश्यक बताया गया।शिक्षक डायरी प्रत्येक शिक्षक को अपनी डायरी में दैनिक शिक्षण कार्य विद्यार्थियों की प्रगति और नवाचार गतिविधियों का संधारण करने पर बल दिया गया।
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