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रविवार, 19 मई 2024

गोरखपुर / हनीट्रैप के जाल मे युवक फंसा मां के पैरों तले खिसक गई जमीन

गोरखपुर हनी ट्रैप में फंसकर खाते से लेन-देन करने के मामले में पकड़े गए गोरखपुर के संदिग्ध युवक से एटीएस की पूछताछ पूरी हो गई है। तीन दिन से जारी पूछताछ में युवक द्वारा किए गए सभी ट्रांजेक्शन के साथ ही उसके बयान को तस्दीक कर टीम ने रविवार को उसकी मां को बुलाया है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक रविवार तक स्थिति साफ होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि युवक पर केस दर्ज कर लिया गया है। हालांकि एटीएस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गोरखपुर के पिपराइच इलाके के एक गांव का रहने वाला युवक आशा कार्यकत्री का बेटा है। 20 साल पहले उसके पिता का निधन हो गया था। रोजी-रोटी के लिए वह गोवा चला गया था और एक शिप पर काम कर रहा था। गांव की भूमि फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहण में चली गई जिसका मुआवजा लेने वह 4 महीने पहले ही गांव लौटा था। बैंक खाता से संदिग्ध लेनदेन को लेकर दो गाड़ियों से गुरुवार को पहुंची एटीएस टीम ने पिपराइच पुलिस की मदद से युवक को उठाया। एटीएस ने जब पूछताछ शुरू की तो प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि गोवा की किसी मैडम जी ने उससे काफी पैसे का लेनदेन कराया है। एटीएस ने ट्रांजेक्शन के खेल को समझने का प्रयास किया और शनिवार की रात में उसके मां के पास फोन कर उन्हें रविवार तक एटीएस मुख्यालय बुलाया गया है। युवक की मां अपने परिचितों के साथ शनिवार रात में लखनऊ रवाना हो गई। गोवा में एक शिप पर काम करने वाले पिपराइच निवासी युवक ने घर आने से पहले मां के पास आठ महीने की कमाई का 65 हजार रुपये भेजा था। बताया जा रहा है कि उसे 15 से 18 हजार के बीच वेतन मिलता था। खर्च के बाद बचत कर मां को तब पैसा भेजा था जब घर की छत लगानी थी। देश विरोधी गतिविधियों के साथ हनी ट्रैप में बेटे का नाम सामने आने के बाद मां आहत है। उनका कहना है कि अगर वह दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। वह उसकी पैरवी नहीं करेगी भले ही उसका इकलौता बेटा ही क्यों न हो। बेटे को पुलिस जब पकड़कर थाने ले गई तब उसकी मां भी गई थी।

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